आंध्र प्रदेश में तट से टकराने के बाद कमजोर पड़ा चक्रवात ‘अर्नब’, 13 जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा

नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद कमजोर पड़ने लगा है। हालांकि, भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश के 13 जिलों और यानम क्षेत्र में अचानक बाढ़ आने की आशंका को देखते हुए चेतावनी जारी की है। तूफान का असर ओडिशा, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में भी देखने को मिल रहा है।

13 जिलों में अचानक बाढ़ की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार, भारी बारिश के कारण निचले इलाकों और पहले से जलभराव वाली जगहों पर पानी तेजी से बढ़ सकता है। चेतावनी में बापटला, गुंटूर, एनटीआर, कृष्णा, एलुरु, पूर्वी गोदावरी, काकीनाडा, अल्लूरी सीताराम राजू, विशाखापत्तनम, विजयनगरम, अनकापल्ली, पार्वतीपुरम मान्यम और पश्चिमी गोदावरी जिले शामिल हैं। यानम क्षेत्र के लिए भी चेतावनी जारी की गई है।

प्रशासन ने लोगों को निचले इलाकों, जलभराव वाली सड़कों और तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है।

तटीय इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं का असर

तूफान के तट से टकराने के दौरान आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई है।

ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। तेलंगाना के कई जिलों में भी बारिश का अनुमान है। तटीय क्षेत्रों में समुद्र की स्थिति खराब रहने और तेज हवाएं चलने की आशंका के चलते मछुआरों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

राहत और बचाव कार्य तेज

चक्रवात से प्रभावित इलाकों में प्रशासन राहत और बचाव की तैयारियों में जुटा है। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा, बिजली व्यवस्था और सड़क संपर्क बहाल करने पर ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों ने नागरिकों से मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

चक्रवात कमजोर होने के बावजूद भारी बारिश और अचानक बाढ़ का जोखिम बना हुआ है। ऐसे में तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

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