धमतरी में पटवारियों की हड़ताल 16वें दिन भी जारी, नागरिक भूमि विकास मंच ने दिया समर्थन
धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पटवारियों की चार सूत्रीय मांगों को लेकर चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल बुधवार को 16वें दिन भी जारी रही। गांधी मैदान में आंदोलन कर रहे पटवारियों को अब नागरिक भूमि विकास मंच का समर्थन मिला है। मंच के सदस्य धरना स्थल पर पहुंचे और शासन-प्रशासन से पटवारियों की मांगों का जल्द निराकरण करने की अपील की।
पटवारियों की हड़ताल का असर राजस्व संबंधी कामकाज पर पड़ रहा है। जमीन के नक्शे में कटौती, नामांतरण और डायवर्सन जैसी प्रक्रियाओं में देरी होने से आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मांगें छोटी, लेकिन कामकाज की समस्याएं गंभीर
नागरिक भूमि विकास मंच के सदस्य योगेश रायचूरा ने कहा कि पटवारी पिछले 16 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए अब तक कोई ठोस पहल नजर नहीं आई है।
उन्होंने कहा कि पटवारियों की मांगें भले ही छोटी दिखाई दें, लेकिन विभागीय कामकाज में कई ऐसी जटिलताएं हैं, जिनमें गलती होने पर संबंधित कर्मचारी को विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। इसका असर गोपनीय चरित्रावली (CR) पर भी पड़ सकता है और पदोन्नति में बाधा आने की आशंका बनी रहती है।
जमीन से जुड़े काम प्रभावित, आम लोग परेशान
हड़ताल के कारण राजस्व विभाग से संबंधित कई जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं। जमीन के नक्शे में बदलाव, नामांतरण और डायवर्सन जैसी प्रक्रियाओं में पटवारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में उनके आंदोलन के चलते इन कार्यों में देरी हो रही है।
योगेश रायचूरा ने शासन-प्रशासन से मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द समाधान निकालने की अपील की। उन्होंने कहा कि समस्या का निराकरण होने से पटवारी काम पर लौट सकेंगे और आम लोगों को भी राहत मिलेगी।
बातचीत में समाधान को लेकर गंभीरता नहीं दिखी: पटवारी संघ
राजस्व पटवारी संघ के प्रांत संयोजक वीरेंद्र कुमार बैस ने कहा कि हड़ताल शुरू होने के बाद संचालक भू-अभिलेख की ओर से सामान्य चर्चा के लिए बुलाया गया था। हालांकि, उनके अनुसार बातचीत के दौरान मांगों के समाधान को लेकर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन समाप्त कराने के लिए भी कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इसके चलते पटवारियों का आंदोलन लगातार जारी है।
वेतन-भत्तों के लिए नहीं, कार्य संबंधी समस्याओं को लेकर आंदोलन
वीरेंद्र कुमार बैस ने स्पष्ट किया कि पटवारियों की हड़ताल वेतन वृद्धि या अतिरिक्त भत्तों की मांग को लेकर नहीं है। आंदोलन का मुख्य उद्देश्य कामकाज से जुड़ी समस्याओं का समाधान कराना है, जिनका असर किसानो
