रायगढ़ : NTPC लारा की परिचालन दक्षता में उपलब्धि, 4800 मेगावाट तक विस्तार की तैयारी
रायगढ़। एनटीपीसी के लारा सुपर थर्मल पावर स्टेशन ने परिचालन दक्षता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। वहीं, बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में भी परियोजना का विस्तार किया जा रहा है। एनटीपीसी ने लारा परियोजना की कुल उत्पादन क्षमता को 3200 मेगावाट से बढ़ाकर 4800 मेगावाट करने की योजना पर काम आगे बढ़ाया है। इसके तहत 800-800 मेगावाट की दो नई इकाइयां स्थापित की जाएंगी।
4800 मेगावाट तक पहुंचेगी उत्पादन क्षमता
लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना की पहली अवस्था में 800-800 मेगावाट की दो इकाइयां स्थापित हैं। दूसरी अवस्था में भी इतनी ही क्षमता की दो अतिरिक्त इकाइयों का निर्माण किया जा रहा है। तीसरी अवस्था के तहत दो और इकाइयां जोड़ी जाएंगी।
एनटीपीसी के निदेशक मंडल ने 11 जुलाई 2026 को तीसरी अवस्था की परियोजना के लिए 20,456.70 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी थी। इसके पूरा होने पर लारा परियोजना की कुल उत्पादन क्षमता 4800 मेगावाट हो जाएगी।
छत्तीसगढ़ की बिजली उत्पादन क्षमता को मिलेगा बढ़ावा
लारा परियोजना का विस्तार छत्तीसगढ़ के ऊर्जा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अतिरिक्त इकाइयों से बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और देश की बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।
इस परियोजना से आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। निर्माण और संचालन से जुड़े कार्यों के कारण स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा अन्य व्यावसायिक अवसर विकसित हो सकते हैं।
पर्यावरणीय प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रही परियोजना
तीसरी अवस्था के विस्तार के लिए पर्यावरणीय प्रभाव आकलन से जुड़ी प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई गई है। परियोजना के लिए पर्यावरणीय अध्ययन और आवश्यक स्वीकृतियों की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की जानी है।
एनटीपीसी की यह विस्तार योजना लारा को देश के प्रमुख ताप विद्युत केंद्रों में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। परियोजना के सभी चरण पूरे होने के बाद यहां से कुल 4800 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता उपलब्ध होगी।
