दिवाली से पहले बढ़ी मिठाई और मेवों की कीमतें, घी-चीनी से लेकर ड्राई फ्रूट्स तक महंगे
नई दिल्ली। दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही मिठाइयों और पकवानों की तैयारी के बीच रसोई का बजट भी बढ़ने लगा है। घी, चीनी, मैदा और सूखे मेवों की कीमतों में तेजी से त्योहार की खरीदारी महंगी हो रही है। खासकर बादाम, पिस्ता, खजूर और किशमिश जैसे आयातित सूखे मेवों की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार और आपूर्ति संबंधी परेशानियों का असर पड़ रहा है।
सूखे मेवों की कीमतों में बढ़ोतरी
व्यापारिक संगठनों के अनुसार, इस वर्ष दिवाली से पहले सूखे मेवों की कीमतों में उल्लेखनीय उछाल आया है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष, प्रतिकूल मौसम और आयात आपूर्ति में बाधाओं के कारण बाजार में इनकी उपलब्धता प्रभावित हुई है।
व्यापारियों के मुताबिक, पिस्ता की थोक कीमत लगभग 900 रुपये से बढ़कर 1,800 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। बादाम 800 रुपये से बढ़कर करीब 1,100 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। खजूर की कीमत भी 250 रुपये से बढ़कर लगभग 500 रुपये प्रति किलो बताई जा रही है।
काजू की कीमत गुणवत्ता के अनुसार करीब 900 से 1,200 रुपये प्रति किलो और अखरोट 1,100 से 1,400 रुपये प्रति किलो के दायरे में पहुंच गया है। अंजीर की कीमत भी 600 से 1,200 रुपये प्रति किलो तक बताई जा रही है।
आयात महंगा होने से बढ़ा दबाव
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में तनाव के कारण समुद्री परिवहन और माल ढुलाई पर असर पड़ा है। इसके अलावा रुपये की कमजोरी और अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति में कमी से आयात की लागत बढ़ी है। ईरान, अफगानिस्तान और अन्य देशों से आने वाले सूखे मेवों की आपूर्ति प्रभावित होने से बाजार में कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
मिठाई कारोबार पर भी पड़ सकता है असर
घी, चीनी और मैदा जैसी सामग्री मिठाई बनाने में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होती है। इन वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी से मिठाई कारोबारियों की लागत बढ़ सकती है। इसका असर मिठाइयों की कीमतों पर भी पड़ने की आशंका है।
उपभोक्ता मामलों के विभाग के 29 अक्टूबर 2026 के अखिल भारतीय औसत खुदरा मूल्य के अनुसार, चीनी की कीमत 58.99 रुपये और घी की कीमत 706.79 रुपये प्रति किलो दर्ज की गई। मैदा का औसत खुदरा मूल्य 42.93 रुपये प्रति किलो रहा। हालांकि, ये अखिल भारतीय औसत भाव हैं और अलग-अलग शहरों में स्थानीय कीमतें भिन्न हो सकती हैं।
त्योहार की खरीदारी में बदल रहा रुझान
सूखे मेवों की बढ़ती कीमतों के बीच कुछ कंपनियां और खरीदार महंगे मेवों की जगह किफायती विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं। उपहारों की टोकरी में मेवों की मात्रा कम करने के साथ कद्दू, तरबूज और सूरजमुखी के बीज जैसे विकल्पों की मांग भी बढ़ रही है।
दिवाली के दौरान मिठाइयों, नमकीन और उपहारों की मांग बढ़ने के साथ बाजार में खरीदारी का माहौल बना हुआ है। हालांकि, बढ़ती कीमतों के कारण आम उपभोक्ताओं को इस बार त्योहार का बजट पहले से अधिक रखना पड़ सकता है।
