दीपावली पर पटाखा दुकानों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त, नियम तोड़ने पर लाइसेंस होगा निरस्त
जिला अग्निशमन अधिकारी दीपांकुर नाथ ने जारी किए कड़े दिशा-निर्देश, नियमित निरीक्षण में होगी सुरक्षा इंतजामों की जांच
50 मीटर के दायरे में आतिशबाजी प्रदर्शन पर प्रतिबंध, प्रत्येक दुकान में अग्निशामक यंत्र और 200 लीटर पानी रखना अनिवार्य
बिलासपुर। दीपावली पर्व के दौरान पटाखा दुकानों में आगजनी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन एवं अग्निशमन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। कमांडेंट होम गार्ड्स एवं जिला अग्निशमन अधिकारी श्री दीपांकुर नाथ ने जिले के सभी पटाखा दुकान संचालकों के लिए विस्तृत सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी तथा निर्धारित शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर दुकान का लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है।
जारी निर्देशों के अनुसार पटाखा दुकानों का नियमित निरीक्षण किया जाएगा और अग्नि सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की बारीकी से जांच होगी। दुकानों को रिहायशी इलाकों और बाजारों के समीप खोलने की अनुमति नहीं होगी। दुकान निर्माण में कपड़ा, बांस, रस्सी और टेंट जैसी ज्वलनशील सामग्री के स्थान पर अज्वलनशील टिन शेड का उपयोग करना अनिवार्य होगा। साथ ही दुकानों के बीच कम से कम तीन मीटर की दूरी रखनी होगी और उन्हें आमने-सामने बनाने की अनुमति नहीं होगी। किसी भी पटाखा दुकान के 50 मीटर के दायरे में आतिशबाजी का प्रदर्शन भी प्रतिबंधित रहेगा।
अग्निशमन उपकरण और पानी की पर्याप्त व्यवस्था जरूरी
अग्निशमन विभाग ने प्रत्येक पटाखा दुकान में पांच किलोग्राम क्षमता का डीसीपी अग्निशामक यंत्र रखना अनिवार्य किया है। इसके अलावा दुकान के अंदर और बाहर अलग-अलग 100-100 लीटर पानी उपलब्ध रखना होगा। आपातकालीन स्थिति में अग्निशमन वाहनों की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए कम से कम छह मीटर चौड़ा रास्ता खुला रखना होगा। दुकानों के सामने बाइक और कार की पार्किंग पर भी प्रतिबंध रहेगा।
बिजली व्यवस्था में लापरवाही पड़ेगी भारी
विद्युत सुरक्षा को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। दुकानों में रोशनी के लिए तेल अथवा गैस के लैम्प और खुली बिजली बत्ती का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। विद्युत तारों के जोड़ पूरी तरह सुरक्षित होने चाहिए तथा प्रत्येक मास्टर स्विच में फ्यूज या सर्किट ब्रेकर लगाना अनिवार्य होगा, ताकि शॉर्ट सर्किट की स्थिति में बिजली की आपूर्ति स्वतः बंद हो सके। पटाखा दुकानें ट्रांसफार्मर के समीप नहीं होनी चाहिए और उनके ऊपर से हाईटेंशन विद्युत लाइन भी नहीं गुजरनी चाहिए।
आपातकालीन नंबर प्रदर्शित करना अनिवार्य
जिला अग्निशमन अधिकारी ने दुकान परिसर में अग्निशमन विभाग और एम्बुलेंस के संपर्क नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए हैं। अस्थायी दुकानों और पंडालों के निर्माण में निर्धारित भारतीय मानकों का पालन करना होगा। उन्होंने दुकान संचालकों को सभी सुरक्षा उपकरण दुरुस्त रखने तथा कर्मचारियों को उनके उपयोग का प्रशिक्षण देने की भी हिदायत दी है।
अग्नि दुर्घटना अथवा आपात स्थिति में नागरिक अग्निशमन कार्यालय के फोन नंबर 07752-250961 और टोल फ्री नंबर 112 पर सूचना दे सकते हैं। श्री नाथ ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित पटाखा दुकान संचालक की होगी। दीपावली के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न केवल जनसुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है, बल्कि संबंधित दुकानदार को लाइसेंस निरस्तीकरण और कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है।
