सूरजपुर : कुबेरपुर बवाल मामले में प्रभारी तहसीलदार निलंबित, 26 लोगों पर FIR; 6 गिरफ्तार

सूरजपुर। जिले के कुबेरपुर गांव में ट्रैक्टर की टक्कर से महिला की मौत के बाद हुए बवाल के मामले में प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। सरगुजा संभाग के कमिश्नर नरेंद्र कुमार दुग्गा ने चांदनी बिहारपुर क्षेत्र के प्रभारी तहसीलदार करमचंद जाटवर को निलंबित कर दिया है। जांच में कानून-व्यवस्था की संवेदनशील स्थिति के दौरान प्रशासनिक जिम्मेदारियों के निर्वहन में लापरवाही सामने आने की बात कही गई है।

वहीं, घटना के बाद ग्रामीणों द्वारा चक्काजाम, ट्रैक्टर और क्रशर प्लांट में आगजनी तथा पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने के मामले में पुलिस ने 26 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें से 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

महिला की मौत के बाद भड़का था आक्रोश

जानकारी के अनुसार, 17 अक्टूबर 2026 को चांदनी बिहारपुर क्षेत्र के कुबेरपुर गांव में ट्रैक्टर की टक्कर से स्कूटी सवार चंद्रवती जायसवाल (28 वर्ष) की मौत हो गई थी। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने कई घंटे तक चक्काजाम किया।

इसी दिन शाम को भीड़ ने ट्रैक्टर और क्रशर प्लांट में आग लगा दी। इस दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी कई घंटों तक बंधक बनाए रखा गया। घटना के बाद इलाके में तनाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति बन गई थी।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने अधिकारियों को लगाई थी फटकार

घटना के बाद महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े कुबेरपुर पहुंचीं और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे।

मंत्री ने अधिकारियों से पूछा था कि दोपहर 12 बजे हादसा होने के बाद शाम 7 बजे तक प्रशासन क्या कर रहा था? उन्होंने एकतरफा कार्रवाई को लेकर भी नाराजगी जताई और मामले में उचित कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

जांच रिपोर्ट में प्रभारी तहसीलदार की कार्यप्रणाली पर सवाल

घटना के बाद सूरजपुर कलेक्टर ने मामले की जांच कराई। जांच प्रतिवेदन में प्रभारी तहसीलदार करमचंद जाटवर की कार्यप्रणाली और शासकीय दायित्वों के निर्वहन को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए।

रिपोर्ट के अनुसार, दुर्घटना के बाद क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की संवेदनशील स्थिति पैदा हो गई थी। ऐसे समय में स्थानीय प्रशासन से तत्काल सक्रियता और जिम्मेदारी के साथ हालात संभालने की अपेक्षा थी। आरोप है कि प्रभारी तहसीलदार ने परिस्थिति के अनुरूप तत्परता नहीं दिखाई और अपने प्रशासनिक दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन नहीं किया।

जांच रिपोर्ट में उनके रवैये को कर्तव्यों के प्रति गंभीर उदासीनता और लापरवाही माना गया।

अंबिकापुर में निर्धारित किया गया मुख्यालय

जांच प्रतिवेदन के आधार पर सरगुजा संभाग के कमिश्नर नरेंद्र कुमार दुग्गा ने प्रभारी तहसीलदार करमचंद जाटवर को निलंबित करने का आदेश जारी किया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय संभागीय पटवारी प्रशिक्षण शाला, अंबिकापुर, जिला सरगुजा निर्धारित किया गया है।

इस कार्रवाई के बाद कुबेरपुर की घटना में प्रशासनिक स्तर पर भी जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है।

Back to top button