
दरभंगा पार्सल ब्लास्ट मामले में खुलासा हुआ है कि सलवार सूट के रंग और डिजाइन में संदिग्धों का कोडवर्ड छुपा होता था. वे एक-दूसरे को मोबाइल पर सलवार सूट की फोटो और डीजाइन के जरिए मैसेज भेजते थे. जिसका अपना अलग मतलब होता था.
पटना. दरभंगा पार्सल ब्लास्ट मामले में धमाके को अंजाम देने वाले संदिग्धों का कोडवर्ड सलवार सूट के रंग और डिजाइन में छुपा होता था. पाकिस्तान में बैठे हाफिज इकबाल उर्फ काना, कैराना के हाजी सलीम और सिकंदराबाद से गिरफ्तार नासिर और इमरान के बीच कोई भी बातचीत मोबाइल पर सलवार सूट की फोटो और डीजाइन के जरिए होती थी. वे सलवार सूट के रंग और डिजाइन के जरिए कोडवर्ड में एक-दूसरे को मैसेज पहुंचा देते थे.
एनआईए ने 4 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. जानकारी के अनुसार नासिर खान उर्फ नासिर मलिक व उसके भाई इमरान मलिक उर्फ इमरान खान को तेलंगाना के सिकंदराबाद से गिरफ्तार किया गया है. मो. सलीम व काफिल को उत्तर प्रदेश के कैराना से गिरफ्तार किया गया है.
पता चला है कि इन संदिग्धों ने आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के लिए कपड़े के कारोबार का सहारा लिया, ताकि इन लोगों पर किसी को शक न हो. कपड़े की कारोबार के आड़ ये आतंकी गतिविधियों में शामिल होते थे. कपड़ा कारोबार का सहारा लेकर ये अपना संदेश कोडवर्ड में भेजते थे. सलवार सूट के अलग-अलग रंग और डिजाइन का अलग मतलब होता था. अक्सर सलीम, नासिर और इमरान एक-दूसरे को मोबाइल पर सलवार सूट व डीजाइन की तस्वीरे भेजते थे.
वहीं, दरभंगा पार्सल ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार आरोपी सलीम का इलाज जेल अस्पताल में चल रहा है. जेल अधीक्षक ई. जितेंद्र कुमार ने बताया कि पटना लाने पर यूरिन डिस्जार्च नहीं हो रहा था. आईजीआईएमएस में उसे कैथेटर लगाया गया. बाद में पेशी के बाद उसे बेऊर जेल भेजा गया था. उन्होंने बताया कि डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है. पहले से उसकी स्थिति ठीक हुई है.



