बाल संप्रेक्षण गृह जशपुर में विधिक सेवा शिविर का किया गया आयोजन

जशपुरनगर 01 अक्टूबर 2021

[img-slider id="274450"]
/ विगत दिवस को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जशपुर के सचिव श्री अमित जिंदल ने बाल संप्रेक्षण गृह, बालक गृह- बालिका गृह जशपुर में जांच-विजिट की तथा विधिक सेवा शिविर का भी आयोजन किया तथा उपस्थित लोगो को बताया कि बाल विवाह करना गैर कानूनी है तथा धारा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के अनुसार पक्षकार यदि चाहे तो बाल विवाह को शून्य घोषित करा सकते है परंतु बाल विवाह के लिए यदि किसी बच्चे को उसके माता-पिता के पास से ले जाया जाता है या अवैध साधनो द्वारा ले जाया जाता है या उसे बेचा जाता है तो ऐसा बाल विवाह शून्य होगा तथा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के अनुसार बाल विवाह करने वाले पुरुष को वर्ष के कारावास या एक लाख रुपये जुर्माना या दोनों हो सकता है तथा बाल विवाह कराने वाला या उसका अनुष्ठान कराने वाले व्यक्ति को भी दो वर्ष के कारावास या एक लाख रुपये जुर्माना या दोनों हो सकता है।
श्री जिन्दल ने बताया कि न्यायालय को व्यादेश द्वारा बाल विवाह रोकने की शक्ति भी है साथ ही कलेक्टर को भी बाल विवाह रोकने तथा ऐसा करने के लिए न्यूनतम बल प्रयोग की भी शक्ति है। न्यायालय द्वारा जारी व्यादेशो के उल्लंघन में किए गए बाल विवाह शून्य होगें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button