कर्तव्य का निर्वहन करते हुये अपने प्राणों की आहुती देने वाले पुलिस के अमर शहीदों को “21 अक्टूबर पुलिस स्मृति दिवस” के अवसर पर रक्षित केन्द्र जशपुर में याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित किया गया
जिला मुख्यालय जशपुर स्थित रक्षित केन्द्र जशपुर में आयोजित ”पुलिस स्मृति दिवस“

क्यों मनाया जाता है पुलिस शहीद दिवस ➡️ गौरतलब है कि आज से 61 वर्ष पहले अक्टूबर 1959 में लद्दाख के दुर्गम क्षैत्र में भारतीय पुलिस की एक छोटी टुकड़ी के जवानों ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिये थे तभी से प्रति वर्ष 21 अक्टूबर को देश के कोने-कोने में दिवंगत शूरवीरों की स्मृति में पुलिस शहीद दिवस पर परेड़ का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर जशपुर विधायक ने शहीदों के परिजन से मिलकर उनका हाल जाना। ➡️ कार्यक्रम के पश्चात अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक द्वारा रक्षित केंद्र के सभाकक्ष में शहीद के परिवार से रूबरू होने के लिए मीटिंग का आयोजन किया गया, जिसमें सभी शहीदों के परिजनो के समस्या एवं व्यथा को सुनकर कुछ व्यथा को मौके पर ही निराकरण किया गया, एवं कुछ व्यथा को संबंधित अधिकारी को तत्काल निराकरण करने हेतु निर्देशित किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने शहीद के परिजनों से वार्तालाप किया कि हम सब एक परिवार के समान हैं, अपने आपको कभी अकेला न समझें, किसी भी किस्म की पारिवारिक, व्यक्तिगत अथवा आर्थिक समस्या हो तो अवगत करायें। समस्या के समाधान का सकारात्मक प्रयास निश्चित रूप से किया जावेगा। इसके पश्चात् शहीदों के परिजनों को पुलिस लाईन में भोजन कराया गया, और उन्हें ससम्मान उनके गन्तव्य स्थान तक पहुंचाया गया।



