मेंढरमार व खलबोरा जंगल मे वनभूमि अतिक्रमण के लिए पेड़ पौधों की हो रही है अंधाधुन अवैध कटाई, विभाग बेख़बर! देखे वीडियो

@वन अधिकार पट्टा,वनों के लिए बना ज़हर

असलम खान आपकी आवाज धरमजयगढ़ न्यूज:- धरमजयगढ़ रेंज अंर्तगत मेंढरमार बिट एवं खलबोरा जंगल मे इन दिनों पेड़ पौधों की अवैध कटाई जोरों पर देखी जा रही है। अज्ञात क्षेत्रवासियों द्वारा वनभूमि में अतिक्रमण के मद्देनजर छोटे बड़े पेड़ को काटकर जमीन पर बिछा दे रहे हैं ,ताकि वनभूमि में कब्जा हो सके और बाद में कब्जा के जरिये से शासन से मिलने वाली वन अधिकार पत्र प्राप्त कर सके, लेकिन इतना कुछ होने के बाद भी संबंधित वनकर्मी व अधिकारी कुम्भकर्णीय नींद में है जो कहीं न कहीं बड़ी लापरवाही की ओर इशारा कर रहे हैं।

धरमजयगढ़ रेंज अंतर्गत मेंढरमार व खलबोरा ग्राम के जंगल मे अज्ञात कब्जाधारियों के द्वारा वनभूमि में कब्जा करने का मामला जोर पकड़ा हुआ है जंगल के छोटे बड़े पेड़ को काटकर साफ मैदान बनाने में क्षेत्रवासी बेख़ौफ़ होकर लगे हुए है और वहीं जिम्मेदार वनकर्मी बेख़बर है अज्ञात लोगों द्वारा जंगल को पूरी तरह नष्ट किया जा रहा है जानकारी के अनुसार मेंढरमार और पोटिया जंगल मे वन भूमि पर अवैध कब्जा जाहिर तौर पर देखा जा रहा है क्षेत्रवासी बेखोफ होकर जंगल की कटाई और छटाई करने में लगे हुए हैं जिस तरह से लोग जंगल मे कब्जा साबित कर रहे है।

उससे तो यही लग रहा है कि संबंधित बीट गार्ड एवं अधिकारी पूरी तरह निष्क्रिय है कहा जा सकता है शासन से मिलने वाली वनाधिकार पत्र की लालसा क्षेत्रवासीयों को जंगल के अस्तित्व को खत्म करने में आमादा कर रही है। खलबोरा,पोटिया और मेंढरमार के बिट में फिलहाल देखा जा रहा है क्षेत्रवासी जंगल को काटकर साफ करने में लगे हुए हैं ताकि वनभूमि में उनका कब्जा साबित हो सके और बड़ी आसानी से वन अधिकार पत्र उन्हें मिल जाए।

बड़ी विडम्बना की बात है वनकर्मी व संबंधित अधिकारियों के होते हुए ये कैसे सम्भव हो रहा है बड़ा सवाल है ? बता दें ग्रामवासियों द्वारा पूरे जंगल किनारे कब्जा बतौर पेड़ पौधों को काटकर छंटनी कर रहे हैं और संबंधित वन विभाग को इसकी जानकारी तक नही होती है !

बहरहाल ख़बर प्रकाशन के बाद से शायद संबंधित अधिकारी कर्मचारीयों की कुम्भकर्णीय नींद टूटेगी और जंगल के प्रति अपने कर्तव्यों को स्मरण करेंगे ।

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