
कोरोना महामारी (Coronavirus) की वजह से बीते दो सालों से बंद अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra 2022) इस बार 30 जून से शुरू होने वाली है. इस साल श्रद्धालु 43 दिनों तक बाबा बर्फानी (Baba Barfani) के दर्शन कर सकेंगे. यात्रा 11 अगस्त तक चलेगी. अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के लिए बैठकों का दौर भी जारी है. इन सबके बीच खबर है कि इस साल यात्री श्रीनगर से सीधे पंचतरणी तक हेलीकॉप्ट से यात्रा कर सकते हैं. पंचतरणी से बाबा अमरनाथ की पवित्र गुफा की दूरी सिर्फ 6 किलोमीटर है. इस साल यात्रा मार्ग पर पर्यटकों की भारी भीड़ को देखते हुए तीर्थयात्रियों के लिए श्रीनगर से सीधे पंचतरणी के लिए हेलीकॉप्टर सेवा की मांग की गई है
सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से NDTV ने बताया है कि ‘रास्तों पर यात्रा के दबाव को कम करने के लिए गृह मंत्रालय ने श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड को श्रीनगर से पंचतरणी के लिए सीधे हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने के लिए कहा है. मालूम हो कि अब तक तीर्थयात्रियों के लिए बालटाल और पहलगाम से पंचतरणी तक हेलीकॉप्टर सेवाएं उपलब्ध हैं. तीर्थयात्री या तो पैदल चलते हैं या खच्चर की सवारी करते हैं या इस स्थान से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पालकी में जाते हैं. बालटाल और पहलगाम दोनों श्रीनगर से करीब 90 किलोमीटर दूर हैं
सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने NDTV को बताया, इस साल सरकार यात्रा के दौरान भारी भीड़ की उम्मीद कर रही है, इसलिए पिछले हफ्ते हुई बैठक में इस पर दबाव कम करने का फैसला लिया गया था कि यात्रियों को सीधे श्रीनगर से भी हेलीकॉप्टर सेवाएं प्रदान की जा सकती हैं.’
जम्मू कश्मीर के डीजीपी ने सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा की
जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने मंगलवार को वार्षिक अमरनाथ यात्रा से संबद्ध बालटाल एवं डोमेल आधार शिविरों पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की थी. एक पुलिस प्रवक्ता ने कहा, ‘सिंह बालटाल एवं डोमेल गए और अमरनाथ यात्रा के इन दो अहम केंद्रों एवं मार्ग पर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की.’ उन्होंने बताया कि डीजीपी ने बालटाल में पुलिस एवं केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के अधिकारियों एवं जवानों के साथ बातचीत की.
जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर तैनात किये जाएंगे बचाव दल
यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की मदद के लिए जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बचाव दल तैनात किए जाएंगे. पुलिस ने इसकी जानकारी दी. पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि रामबन की पुलिस अधीक्षक मोहिता शर्मा की अध्यक्षता में हुई एक सुरक्षा समीक्षा बैठक में राजमार्ग पर खासकर फिसलन वाले इलाकों में बचाव दल तैनात करने का फैसला किया गया है. उन्होंने बताया कि यह भी निर्णय लिया गया है कि पर्याप्त श्रम बल पहले से ही तैनात किया जाएगा, ताकि आधार शिविरों और यात्रा मार्गों को जल्द से जल्द सुरक्षित बनाया जा सके और उनकी जांच की जा सके.



