BSP लोहा चोरी मामले में CBI जांच की मांग पहुंची केंद्र तक, अमित शाह के जवाब से बढ़ी हलचल; अब इस्पात मंत्रालय करेगा कार्रवाई
भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) से कथित तौर पर बड़े पैमाने पर लौह स्क्रैप बाहर निकालने के मामले में CBI जांच की मांग अब केंद्र सरकार के स्तर तक पहुंच गई है। वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र भेजकर मामले की जांच CBI से कराने की मांग की थी। अब गृह मंत्रालय की ओर से विधायक को जवाब मिला है, जिसमें बताया गया है कि उनका पत्र प्राप्त हो चुका है और मामला इस्पात मंत्रालय से संबंधित होने के कारण आवश्यक कार्रवाई के लिए वहां भेज दिया गया है।
हालांकि, गृह मंत्री की ओर से मिले जवाब में CBI जांच शुरू करने या मामले को CBI के हवाले किए जाने की पुष्टि नहीं की गई है। अब आगे की कार्रवाई इस्पात मंत्रालय के स्तर पर होनी है।
250 टन स्क्रैप बरामद होने के बाद खुला था मामला
मामले की जांच उस समय तेज हुई, जब दुर्ग पुलिस ने 26 मई को अकलोरडीह और हथखोज स्थित गोदामों में कार्रवाई कर करीब 250 टन BSP का लौह स्क्रैप बरामद किया। पुलिस जांच में आरोप सामने आया कि स्क्रैप को फ्लू डस्ट की आड़ में संयंत्र से बाहर ले जाया जा रहा था।
बताया गया कि वाहनों में ऊपर फ्लू डस्ट और उसके नीचे लोहे की प्लेट, बीम तथा कटिंग मटेरियल रखा जाता था। जांच के दौरान वाहनों के GPS और नंबर प्लेट बदलकर इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई।
पुलिस के अनुसार, फ्लू डस्ट के साथ कोक और कोयला बाहर भेजे जाने तथा इसके लिए लोडर और हाईवा वाहनों के इस्तेमाल की जानकारी भी जांच में सामने आई।
BSP के अधिकारियों से लेकर CISF जवानों तक पहुंची जांच
जांच आगे बढ़ने पर मामला संयंत्र के अंदर तक पहुंचा। जुलाई में BSP के दो अधिकारियों GM हिमांशु भूषण मलिक और असिस्टेंट मैनेजर मनोज कुमार देवांगन को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में गिरफ्तारियों की संख्या बाद में बढ़ती गई।
2 अगस्त को स्क्रैप कारोबारी और भाजपा नेता भास्कर मुदलियार की गिरफ्तारी के बाद यह संख्या 17 तक पहुंचने की बात सामने आई। गिरफ्तारी के बाद भाजपा ने उन्हें छह वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया।
मामले में BSP की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे। 28 जुलाई को संयंत्र की सुरक्षा में तैनात सात CISF जवानों के निलंबन की जानकारी सामने आई थी। विभागीय जांच में सुरक्षा संबंधी लापरवाही की बात कही गई।
विधायक बोले- बड़े नाम सामने आएंगे
वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन का कहना है कि गृह मंत्री के जवाब के बाद मामला केंद्र सरकार तक पहुंच गया है और जल्द CBI जांच शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने दावा किया कि निष्पक्ष जांच होने पर लोहा चोरी से जुड़े कई प्रभावशाली लोगों की भूमिका सामने आ सकती है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
विधायक इससे पहले प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय गृह मंत्री कार्यालय और राष्ट्रपति को भी पत्र भेजकर CBI जांच की मांग कर चुके हैं। राष्ट्रपति को भेजे गए पत्र के बाद SAIL की कॉरपोरेट विजिलेंस की ओर से भी जवाब मिलने की बात सामने आई थी।
फिलहाल CBI जांच शुरू होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। गृह मंत्रालय ने मामले को इस्पात मंत्रालय को भेज दिया है, इसलिए अब निगाह इस बात पर है कि मंत्रालय इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है।











