BSP Privatization: भिलाई स्टील प्लांट की रेल मिल पर अडानी की नजर? भूपेश बघेल ने उठाए सवाल, भाजपा का पोस्टर वार
भिलाई। छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के निजीकरण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। संयंत्र प्रबंधन द्वारा बिक्री की खबरों को अफवाह और भ्रामक बताए जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अडानी समूह की नजर बीएसपी की रेल मिल पर है। वहीं, कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने संयंत्र प्रबंधन से कथित तौर पर 10 हजार रहवासियों को मकान खाली करने के नोटिस जारी किए जाने पर जवाब मांगा है।
बिक्री की खबरों के खंडन पर भूपेश बघेल का सवाल
मीडिया से चर्चा के दौरान भूपेश बघेल ने पूछा कि बीएसपी के जनसंपर्क विभाग ने संयंत्र की बिक्री संबंधी खबरों का खंडन किस अधिकार से जारी किया। उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या इस बयान के लिए भारत सरकार की अनुमति ली गई थी।
बघेल का कहना है कि किसी सार्वजनिक क्षेत्र के संयंत्र की बिक्री का निर्णय केंद्र सरकार के स्तर पर होता है। ऐसे में बीएसपी प्रबंधन को स्पष्ट करना चाहिए कि बिक्री की खबरों को अफवाह बताने वाला बयान किस आधार पर जारी किया गया।
उन्होंने कहा कि यदि बयान केंद्र सरकार की अनुमति के बिना जारी किया गया है, तो संबंधित अधिकारी को इस संबंध में स्पष्टीकरण देना चाहिए।
‘अडानी की नजर बीएसपी की रेल मिल पर’
भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि अडानी समूह भिलाई स्टील प्लांट की रेल मिल खरीदने में रुचि रखता है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें मिली जानकारी के अनुसार, समूह की नजर संयंत्र की इस महत्वपूर्ण इकाई पर है।
बघेल ने अडानी समूह के प्रतिनिधियों के बीएसपी दौरे को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दौरे के उद्देश्य को स्पष्ट करने की मांग की।
हालांकि, अडानी समूह द्वारा रेल मिल खरीदने की किसी योजना या प्रस्ताव की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। फिलहाल यह दावा भूपेश बघेल के आरोपों पर आधारित है।
10 हजार लोगों को मकान खाली करने के नोटिस पर सवाल
भिलाई नगर के कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने भी बीएसपी प्रबंधन के बयान पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि यदि संयंत्र को बेचने की कोई योजना नहीं है, तो कथित तौर पर 10 हजार रहवासियों को मकान खाली करने के नोटिस क्यों दिए गए हैं।
यादव ने आवास खाली कराने की कार्रवाई को लेकर प्रबंधन से जवाब मांगा। हालांकि, इन नोटिसों और संयंत्र के संभावित निजीकरण के बीच संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
भाजपा ने पोस्टर जारी कर किया पलटवार
बीएसपी की बिक्री को लेकर जारी विवाद के बीच भाजपा ने सोशल मीडिया पर पोस्टर जारी कर भूपेश बघेल पर निशाना साधा।
पोस्टर पर प्रतिक्रिया देते हुए बघेल ने कहा कि उन्होंने भिलाई स्टील प्लांट का मुद्दा उठाया था, लेकिन भाजपा के पोस्टर में ट्रेन और रेल पटरी दिखाई गई है। उन्होंने इसे रेल मिल को लेकर अपने आरोपों से जोड़ते हुए भाजपा पर पलटवार किया।
भाजपा विधायक रिकेश सेन के घर के बाहर धरने को लेकर भी बघेल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि धरना देने आने वालों का स्वागत किया जाएगा, लेकिन पहले यह सुनिश्चित होना चाहिए कि भिलाई स्टील प्लांट नहीं बिकेगा।
बालको और नगरनार स्टील प्लांट का भी किया जिक्र
अपने बयान में भूपेश बघेल ने बालको, नगरनार स्टील प्लांट और सार्वजनिक क्षेत्र की दूसरी संपत्तियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी संपत्तियों को लेकर लिए गए फैसलों से निजीकरण की आशंकाएं बढ़ी हैं।
बघेल ने कहा कि अडानी समूह ने कोयला खनन और बिजली उत्पादन के क्षेत्र में अपनी गतिविधियां बढ़ाई हैं और अब लौह अयस्क तथा इस्पात क्षेत्र में भी उसकी मौजूदगी है। इसी संदर्भ में उन्होंने भिलाई स्टील प्लांट की रेल मिल को लेकर चिंता जताई।
बीएसपी के निजीकरण पर आधिकारिक स्थिति क्या है?
बीएसपी प्रबंधन बिक्री संबंधी खबरों को अफवाह और भ्रामक बता चुका है। दूसरी ओर, कांग्रेस नेताओं ने संयंत्र और उसकी रेल मिल को लेकर आशंकाएं जताई हैं।
फिलहाल, उपलब्ध जानकारी से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि भिलाई स्टील प्लांट या उसकी रेल मिल को बेचने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में केंद्र सरकार, इस्पात मंत्रालय और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) की आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल बीएसपी के निजीकरण को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। अब इस मामले में प्रबंधन और केंद्र सरकार की ओर से आने वाले स्पष्टीकरण पर नजर रहेगी।
