BSP लोहा चोरी मामले में रसमड़ा की स्टील कंपनी के MD-डायरेक्टर गिरफ्तार, अब तक 21 आरोपी पकड़े गए

भिलाई/दुर्ग। भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से लोहा चोरी और चोरी के स्क्रैप को खपाने के मामले में दुर्ग पुलिस ने एक और कार्रवाई की है। पुलिस ने रसमड़ा स्थित रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और डायरेक्टर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, जांच में BSP से चोरी किए गए लोहे के कबाड़ को इस फैक्ट्री में खपाए जाने से जुड़े तथ्य सामने आए हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विनोद कुमार गर्ग (60) और संदीप कुमार सिंह (39) के रूप में हुई है। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस मामले में अब तक 21 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

कंपनी के MD और डायरेक्टर पर कार्रवाई

पुलिस के मुताबिक विनोद कुमार गर्ग रायपुर के भाठागांव स्थित वालफोर्ट सिटी के रहने वाले हैं और रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड में मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। वहीं संदीप कुमार सिंह दुर्ग के स्मृति नगर क्षेत्र के निवासी हैं और कंपनी में डायरेक्टर के पद पर हैं।

जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और पहले गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर रसमड़ा स्थित फैक्ट्री में BSP से चोरी किए गए लौह स्क्रैप के पहुंचने और खपाए जाने से संबंधित जानकारी जुटाई। गिरफ्तार दोनों पदाधिकारियों से अब इस नेटवर्क को लेकर पूछताछ की जा रही है।

19 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद दो और पकड़े गए

इस मामले में पुलिस पहले ही BSP के GM और AGM समेत 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पूछताछ के दौरान पुलिस को कथित तौर पर चोरी के स्क्रैप की खरीद-फरोख्त और उसके परिवहन से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी मिली है।

अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि प्लांट से चोरी किया गया लोहा किस तरह बाहर निकाला जाता था, उसे रसमड़ा की फैक्ट्री तक कैसे पहुंचाया जाता था और इस पूरी प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल थे।

26 मई को पहली बार सामने आया था मामला

BSP से लोहा चोरी के इस मामले का खुलासा 26 मई 2026 को हुआ था। पुरानी भिलाई थाना पुलिस ने ग्राम अकलोरडीह खदानपारा स्थित एके ट्रेडर्स और हथखोज के प्लॉट नंबर-18 में छापा मारा था।

जांच के दौरान वहां कई हाईवा, ट्रक और अन्य वाहनों में फ्लू डस्ट के साथ लोहे की प्लेट, बीम और कटिंग सामग्री मिली थी। पुलिस ने मौके से करीब 250 टन लौह स्क्रैप जब्त किया था।

इसके अलावा स्क्रैप की ढुलाई और लोडिंग में इस्तेमाल किए जा रहे वाहन, जेसीबी, हाइड्रा और अन्य मशीनें भी जब्त की गई थीं। पुलिस के अनुसार जब्त सामग्री और वाहनों की कुल कीमत करीब 3 करोड़ 22 लाख रुपये आंकी गई थी, जिसमें लगभग 90 लाख रुपये का लौह स्क्रैप शामिल था।

फ्लाई ऐश के नीचे छिपाकर ले जाने की जांच

पुलिस की जांच में यह बात सामने आई थी कि कथित तौर पर फ्लाई ऐश की आड़ में लोहे को छिपाकर प्लांट से बाहर निकाला जाता था। BSP परिसर में CISF की सुरक्षा और बड़ी संख्या में CCTV कैमरे लगे होने के बावजूद चोरी कैसे होती रही, पुलिस इसकी भी जांच कर रही है।

पुलिस को मामले में संभावित अंदरूनी मिलीभगत की आशंका के आधार पर भी जांच आगे बढ़ाने की बात कही गई है। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच जारी है।

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