
वर्ष 2018 में तात्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने अलग से बजट देने की घोषणा की थी। लेकिन 2018 के विधानसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन हो जाने से मामला अटक गया। दूसरी घोषणा 2020 में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने पहले जशपुर प्रवास के दौरान किया था।
जशपुर नगर। सालों से अधूरे पड़े हुए जशपुर सन्ना सड़क को लेकर एक बार फिर बवाल खड़ा हो गया है। धूल के उड़ते गुबार और गड्ढे से परेशान सोनकयारी के लोगो ने सड़क जाम कर दिया है। इस जाम से जशपुर से सन्ना,बगीचा और अम्बिकापुर की ओर की आवाजाही बुरी तरह से प्रभावित हुई है। चक्काजाम का मोर्चा,महिलाओं ने सम्हाला हुआ है।
जानकारी के लिए बता दें कि जशपुर से सन्ना के बीच 52 किलोमीटर की यह सड़क बीते 9 साल में पूर्ण नही हो पाई है। 52 किलोमीटर की इस सड़क के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया था। लेकिन इस दौरान,तकनीकी चूक की वजह से सोनकयारी से हर्राडिपा के बीच लगभग 9 किलोमीटर की सड़क,प्रस्ताव से बाहर रह गया था। शेष सड़क का निर्माण पूरा कर लिया गया है।
दो मुख्यमंत्री कर चुके हैं घोषणा
जानकारी के लिए बता दें कि अधर में लटके इस 9 किलोमीटर सड़क को पूरा करने के लिए सबसे पहले वर्ष 2018 में तात्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने पन्डरापाठ प्रवास के दौरान,अलग से बजट देने की घोषणा की थी। लेकिन 2018 के विधानसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन हो जाने से मामला अटक गया। इस सड़क निर्माण को लेकर दूसरी घोषणा 2020 में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने पहले जशपुर प्रवास के दौरान किया था। लेकिन,मामला लोक निर्माण विभाग के प्रस्ताव पर मामला अटका हुआ है।
इन कारणों से भी चर्चित रहा यह सड़क
जशपुर सन्ना सड़क बीते कई सालों से सुर्खियां बटोरता रहा है। निर्माण के दौरान ही गड़बड़ी उजागर हुआ था। इस मामले में लोक निर्माण विभाग के तात्कालीन ईई सहित बड़े कर्मचारियों और ठेकेदार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज किया गया था। इस सड़क ने दूसरी बार उस समय सुर्खिया बटोरी जब तात्कालीन लोक निर्माण विभाग के तात्कालीन मंत्री राजेश मूणत ने अपने इंटरनेट मीडिया में में इस सड़क की तस्वीर शेयर करते हुए,जशपुर सन्ना सड़क मार्ग बता दिया था। जबकि इस समय तक सड़क निर्माण का कार्य पूरा नहीं हो पाया था। अब एक बार फिर आंदोलन को लेकर जशपुर सन्ना सड़क,चर्चा में है।




