
रायगढ़। जिले के सबसे बड़े शासकीय स्वास्थ्य संस्थान मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में अव्यवस्थाओं का अंबार लगा हुआ है। इलाज की आस लेकर यहां पहुंचने वाले मरीजों को मूलभूत सुविधाओं के लिए भी भटकना पड़ रहा है। समय पर जांच, इलाज और पैथोलॉजी रिपोर्ट न मिलने से मरीजों की परेशानी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।
जांच और इलाज में देरी
मेडिकल कॉलेज में रोजाना सैकड़ों मरीज ओपीडी और वार्डों में इलाज के लिए पहुंचते हैं, लेकिन डॉक्टरों की कमी और व्यवस्थाओं की लचर स्थिति के कारण मरीजों को घंटों लाइन में लगना पड़ता है। कई बार तो सुबह से आए मरीजों का नंबर शाम तक नहीं आ पाता। गंभीर मरीजों को भी समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा, जिससे उनकी हालत बिगड़ने की आशंका बनी रहती है।
पैथोलॉजी सुविधा भी बदहाल
पैथोलॉजी विभाग की स्थिति भी चिंताजनक है। मरीजों को जरूरी जांचों के लिए कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता है। रिपोर्ट समय पर नहीं मिलने के कारण इलाज में देरी होती है, जिससे मरीजों की परेशानी और बढ़ जाती है। मजबूरी में कई मरीज निजी लैब का सहारा लेने को विवश हैं, जहां उन्हें भारी-भरकम फीस चुकानी पड़ती है।
ICU में स्टॉफ की मनमानी
अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भी अव्यवस्था का आलम है। परिजनों का आरोप है कि यहां स्टॉफ की मनमानी चल रही है। मरीजों की सही जानकारी समय पर नहीं दी जाती, न ही इलाज की स्पष्ट स्थिति बताई जाती है। कई बार डॉक्टरों के न मिलने से परिजन घंटों इंतजार करते रहते हैं। गंभीर हालत में भर्ती मरीजों के परिजनों को अनिश्चितता में रखा जाता है, जिससे मानसिक तनाव बढ़ रहा है।
गंदगी से भरे शौचालय, मरीज परेशान
मेडिकल कॉलेज में स्वच्छता व्यवस्था भी पूरी तरह से फेल नजर आ रही है। शौचालयों की हालत इतनी खराब है कि वहां जाना किसी सजा से कम नहीं। गंदगी, बदबू और पानी की कमी से मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। कई शौचालयों में नियमित सफाई नहीं होने से संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है।
प्रशासनिक लापरवाही उजागर
इन तमाम अव्यवस्थाओं के बावजूद अस्पताल प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। मरीजों और उनके परिजनों की शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। सवाल यह है कि क्या यही है जिला स्तर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल की तस्वीर?
जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्य विभाग से कार्रवाई की मांग
मरीजों और सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि मेडिकल कॉलेज रायगढ़ की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार किया जाए। डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित हो, जांच रिपोर्ट समय पर मिले, ICU की व्यवस्था पारदर्शी बने और शौचालयों की नियमित सफाई की जाए।
मेडिकल कॉलेज में लगे वाहन स्टैंड में भी बे खौफ मनमानी रकम वसूली
शासकीय मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में जहां पर जिले के गरीब तपके के लोग इलाज करने के लिए जाते हैं लेकिन वहां पर वाहन स्टैंड पर मनमानी ढंग से राशि वसूल की जाती है जबकि शासकीय मेडिकल कॉलेज में इस तरह से स्टैंड पर मनमानी वसूली पर भी पाबंदी होनी चाहिए लेकिन यहां बेखौफ मनमानी रकम वसूली की जाती है
अब देखने वाली बात होगी कि स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेता है या मरीज यूं ही अव्यवस्थाओं का शिकार होते रहेंगे। रायगढ़ विधायक एवं वित्तमत्री से जनता का निवेदन
रायगढ़ के विधायक एवं वित्त मंत्री ओपी चौधरी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर काफी सजग है और जिला अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज में मशीनरी की कमी को पूरा करने में दिन-रात एक कर समस्याओ को दूर करने के लिए पहल कर खामियों को दूर करते रहते है
और जिला अस्पताल की जर्जर भवन को रग रोहन कराने की बात हो या फिर नया कमरा या फिर कोई नया भवन सभी को पूरा करने में पीछे नहीं हटते है ताकि जिले की स्वास्थ्य विभाग बिगड़ ना जाए लेकिन हमारे कुछ चंद कर्मचारी अधिकारी एवं डॉक्टर उनके मेहनत को पलीता लगाने में कहीं पीछे नहीं हो रहे हैं
वही आम जनता ने भी ओपी चौधरी से निवेदन किया है कि स्वास्थ्य विभाग को लेकर और खास तौर से जिला अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज के मामले में समय-समय पर संज्ञान ले ताकि मेडिकल कॉलेज के स्टाफ और डॉक्टरों के मनमानी पर विराम लग सके क्योंकि काफी उम्मीद से दूर दराज के मिरीज मेडिकल कॉलेज में बेहतर इलाज के लिए आते है



