Chhath Puja 2021: खरना संपन्न होने के बाद आज होगा पहला अर्घ्य, सूर्य मंदिरों और नदी किनारे उमड़ेगी भारी भीड़

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महापर्व छठ (Chhath Puja) के मौके पर बिहार (Bihar News) आस्था में डूबा हुआ है. हर तरफ छठी मइया के गीत गुंज रहे हैं. सड़कें और गलियां सज गई हैं. घाटों (Ghats) की सफाई और साज सजावट हो गई है. चार दिन तक चलने वाली पूजा के दूसरे दिन मंगलवार को कार्तिक शुल्क पंचमी पर खरना संपन्न हो चुका है.

छठ व्रतियों ने पूरे दिन उपवास पर रहकर मिट्टी के चूल्हे और आम की लकड़ी पर खरना का प्रसाद बनाया. शाम 5:45 से 6:25 बजे के बीच छठी मैया को प्रसाद के रूप में तैयार गुड़ से बनी खीर, रोटी और केला का भोग लगाया गया. इसके बाद प्रसाद ग्रहण किया गया. इसके साथ ही 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू हो गया.

सूर्य मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब

मुंगेर, लखीसराय के सूर्यगढ़ा, भागलपुर के खरीक, औरंगाबाद के देव, बिहारशरीफ के बड़गांव, बाढ़ के पंडारक, पटना के उलार समेत प्रमुख सूर्य मंदिरों और नदी-तलाबों के किनारे बुधवार को आस्था का सैलाब उमडेगा. बुधवार शाम कार्तिक शुक्ल षष्ठी को अस्पताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा. गुरुवार को चौथे दिन कार्तिक शुक्ल सप्तमी को उदयगामी सूर्य को अर्घ्य देने के बाद महापर्व छठ संपन्न होगा.

बिहार-झारखंड समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में मनाए जाने वाले त्योहार छठ की शुरुआत हो गई है. सोमवार को नहाय-खाय से इस पर्व की शुरुआत हो गई. इस पर्व के दूसरे दिन को खरना कहा जाता है. मंगलवार को व्रत करने वाली महिलाओं ने पूरे दिन के व्रत के बाद शाम को गुड़ से बनी खीर खाकर व्रत तोड़ा. यही खरना का प्रसाद होता है. इसी के साथ 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरु हो गया है. इस पर्व का बिहार समेत पूरे उत्तर भारत में महत्व है. इस पर्व पर राजनीति से जुड़े लोग भी अपनी परंपराओं को निभाते नजर आ रहे हैं. बिहार की डिप्टी सीएम रेणु देवी बेतिया में छठ पर्व मनाती नजर आईं. उन्होंने भी खरना के लिए खीर का प्रसाद बनाया.

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