क्या आपकों पता है रायगढ़ जिले में लगभग तीन साल में 570 से अधिक लोग अब भी घर नहीं लौटे

रायगढ़। जिले में गुमशुदगी की घटनाएं अब सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि यह सैकड़ों परिवारों के दर्द और इंतजार की कहानी बन चुकी हैं। 1 जनवरी 2023 से फरवरी 2026 तक, यानी 38 महीनों में रायगढ़ जिले से 483 बच्चे, 1,545 महिलाएं और 691 पुरुष गुम हो चुके हैं। इनमें से 49 बच्चे, 354 महिलाएं और 157 पुरुष आज भी लापता हैं।

आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि गुमशुदगी की घटनाओं में साल दर साल लगातार वृद्धि हुई है। सबसे ज्यादा मामलों में महिलाएं लापता हुई हैं। पिछले 38 महीनों में जिले में अपहरण के 557 मामले भी दर्ज किए गए हैं, जो गुमशुदगी के बढ़ते संकट को और गंभीर बनाते हैं।

नाबालिग और महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित

जिले में हर दिन किसी न किसी के घर से कोई व्यक्ति गायब हो रहा है। कई नाबालिग अपने परिवार से बिछड़ गए हैं, जबकि कई परिवार अपने अपनों की खोज में थानों और दूरदराज के इलाकों तक तलाश कर चुके हैं, लेकिन किसी का पता नहीं चला। इस दौरान परिवारों की जिंदगी जैसे ठहर सी गई है। त्योहार और खुशियां फीकी पड़ गई हैं क्योंकि परिवार का कोई सदस्य अब भी लापता है।

अपहरण के मामलों में भी वृद्धि

वर्ष 2023 में जिले में अपहरण के 154 मामले दर्ज किए गए। 2024 में यह संख्या 181 और 2025 में बढ़कर 199 हो गई। जनवरी और फरवरी 2026 में 23 मामले दर्ज हुए। कुल मिलाकर 38 महीनों में 557 अपहरण की घटनाएं सामने आई हैं।

महिलाओं की गुमशुदगी सबसे ज्यादा निराशाजनक

महिलाओं के लापता होने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। 2023 में 440, 2024 में 503 और 2025 में 537 महिलाएं गुम हुईं। वर्ष 2026 के पहले दो महीनों में ही 65 महिलाएं लापता हो चुकी हैं। विशेषज्ञों के अनुसार मानव तस्करी, गरीबी, रोजगार की तलाश में पलायन, मानसिक बीमारियां, बच्चों का अपहरण और प्रेम प्रसंग मुख्य वजहें हैं।

संकट का सारांश

2023 से फरवरी 2026 तक रायगढ़ जिले से कुल 483 बच्चे, 1,545 महिलाएं और 691 पुरुष गायब हुए हैं, जिनमें से अभी भी 49 बच्चे, 354 महिलाएं और 157 पुरुष घर नहीं लौट पाए हैं। यह आंकड़े जिले में गुमशुदगी के गंभीर संकट को उजागर करते हैं और तत्काल समाधान की आवश्यकता को दर्शाते हैं।

Share This Article
Leave a review