
चुनाव से पहले सख्त हुआ निर्वाचन आयोग, 10 दिन में वारंटियों की गिरफ्तारी के निर्देश
नई दिल्ली। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर निर्वाचन आयोग ने कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने राज्य पुलिस के शीर्ष अधिकारियों से लेकर निचले स्तर तक के कर्मियों को सख्त निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
10 दिन में वारंटियों की गिरफ्तारी अनिवार्य
आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जिन अपराधियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट लंबित हैं, उन्हें हर हाल में अगले 10 दिनों के भीतर गिरफ्तार किया जाए। आयोग का मानना है कि खुले में घूम रहे अपराधी चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकते हैं।
पुराने मामलों के त्वरित निपटारे के निर्देश
शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने पिछले चुनावों के दौरान दर्ज आपराधिक मामलों को तेजी से निपटाने और उनकी जांच पूरी करने का आदेश दिया है। लंबित मामलों को जल्द समाप्त करने पर जोर दिया गया है।
चुनाव के दौरान आयोग के अधीन रहेगा प्रशासन
आयोग ने अधिकारियों को याद दिलाया है कि चुनाव की घोषणा के बाद सभी सरकारी कर्मचारी और पुलिस बल सीधे निर्वाचन आयोग के प्रति जवाबदेह होते हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही या पक्षपात गंभीर कार्रवाई का कारण बन सकती है।
लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई
आयोग ने चेतावनी दी है कि कर्तव्यों में कोताही बरतने या निष्पक्षता से समझौता करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
निष्पक्ष चुनाव पर फोकस
निर्वाचन आयोग का यह सख्त रुख स्पष्ट करता है कि वह निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और भयमुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और प्रशासनिक स्तर पर किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
