
रायगढ़ में हाथियों का आतंक, फसलें बर्बाद; महिला पर हमला, ग्रामीणों में दहशत
रायगढ़। जिले में इन दिनों जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हाथियों का दल रिहायशी और खेती वाले क्षेत्रों की ओर रुख कर रहा है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। खासतौर पर रात के समय उनकी गतिविधियां तेज हो गई हैं और वे खेतों में घुसकर खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
कई गांवों में फसलें बर्बाद
जानकारी के अनुसार धरमजयगढ़ वन मंडल क्षेत्र में सोमवार रात हाथियों का झुंड कई गांवों तक पहुंच गया। इस दौरान 8 किसानों की धान की फसल को रौंदकर पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।
बोरो रेंज के चाल्हा, बरतापाली, माढरमार, आमापाली और भंडरीमुड़ा गांवों में किसानों को भारी नुकसान हुआ है। हाथियों के खेतों में घुसने की सूचना मिलते ही ग्रामीण और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उन्हें खदेड़ने का प्रयास किया, लेकिन हाथियों ने काफी देर तक खेतों में डेरा डाले रखा और नुकसान पहुंचाने के बाद ही जंगल की ओर लौटे।
वन विभाग अब नुकसान का सर्वे कर रहा है, जिसके आधार पर प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
महिला पर हमला, बाल-बाल बचीं ग्रामीण
इसी क्षेत्र के ओंगना गांव में एक और गंभीर घटना सामने आई। यहां महुआ बीनने गई महिलाओं का सामना अचानक हाथी से हो गया। हाथी ने महिलाओं को दौड़ा लिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
इस घटना में भारती यादव घायल हो गईं और उनके चेहरे पर चोट आई। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। अन्य महिलाएं किसी तरह भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहीं।
बढ़ती चिंता
लगातार बढ़ रही हाथियों की गतिविधियों से ग्रामीणों में दहशत है। खेतों में नुकसान के साथ-साथ जानमाल का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से स्थायी समाधान की मांग की है।
रायगढ़ में मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। ऐसे में वन विभाग के लिए यह चुनौती बन गई है कि वह हाथियों की निगरानी और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए, ताकि जान-माल के नुकसान को रोका जा सके।
