
चक्रधरपुर, बलरामपुर | ग्राम चक्रधरपुर में बीती रात एक जंगली हाथी ने ग्रामीण क्षेत्र में घुसकर भारी नुकसान पहुंचाया। गांव के निवासी मोहित गुप्ता पिता राधेश्याम गुप्ता के खेत में घुसे इस हाथी ने लगभग एक एकड़ में लगी धान की फसल को पूरी तरह से रौंद डाला। इसके अलावा, खेत से सटी घरेलू आर्थिक संपत्ति को भी नुकसान पहुँचाया।

पीड़ित किसान मोहित गुप्ता ने बताया कि हाथी देर रात खेत में आया और धीरे-धीरे पूरे खेत को तहस-नहस कर दिया। धान की फसल लगभग 9.30 क्विंटल के आसपास अनुमानित थी, जो अब पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है।
घटना की सूचना तत्काल वन विभाग (Forest Department) को दी गई है। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंच कर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन हाथी के आक्रामक व्यवहार के चलते किसी को पास आने की हिम्मत नहीं हुई।
मुआवजे की मांग:
पीड़ित परिवार ने शासन एवं वन विभाग से आग्रह किया है कि हुए नुकसान का वास्तविक आकलन कर उचित मुआवजा दिया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे हमलों से किसानों की आजीविका पर गहरा असर पड़ता है, और तत्काल राहत की आवश्यकता होती है।
स्थानीय प्रशासन से अपील:
ग्रामीणों ने मांग की है कि वन विभाग नियमित निगरानी दल गठित करे, ताकि जंगली हाथियों की आवाजाही पर नजर रखी जा सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
यह घटना वन्यजीव मानव संघर्ष की एक और कड़ी है, जो बताती है कि जंगल और बस्तियों की सीमाएं अब कितनी धुंधली हो गई हैं। समय रहते प्रभावी कदम उठाना अत्यंत आवश्यक है।



