
रायगढ़ । रायगढ़ जिले के धनांगर गांव में आदिवासी परिवारों के घरों को जबरन बुलडोजर से गिराने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस गंभीर घटना में अब पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। कोतरा रोड थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी विनय अग्रवाल, उसके साथियों, जेसीबी चालक और कुछ महिलाओं समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

ZEE MP-CG ने उठाई थी आवाज, पुलिस हरकत में आई
ZEE MP-CG न्यूज़ ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद प्रशासन पर दबाव बढ़ा और पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। आदिवासी समुदाय के लोगों का आरोप है कि 27 मई को दबंगों ने गुंडों और बुलडोजर के साथ आकर उनके घरों को जबरन तोड़ दिया। घटना के वक्त महिलाएं और बच्चे घरों में मौजूद थे, लेकिन आरोपियों ने किसी की नहीं सुनी।

एफआईआर में दर्ज धाराएं और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी गई है। पीड़ित आदिवासी परिवारों ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन पर उठे सवाल
घटना के बाद से ही धनांगर गांव में तनाव का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना किसी नोटिस या कानूनी प्रक्रिया के उनके घरों को तोड़ा गया। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर किसके इशारे पर यह कार्रवाई की गई और क्या प्रशासन की मिलीभगत इसमें शामिल थी
प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।




