टब बेचने के बहाने गांजे की तस्करी: ओडिशा से एमपी जा रहे 5 अंतरराज्यीय तस्कर बालोद में गिरफ्तार, टब के सीक्रेट चैंबर से 36 लाख का गांजा जब्त
छत्तीसगढ़ की बालोद जिला पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। फेरी वाले बनकर बाइक पर प्लास्टिक के बड़े-बड़े टब बेचने के बहाने ओडिशा से मध्य प्रदेश गांजा लेकर जा रहे एक अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए प्लास्टिक टबों के नीचे सीक्रेट चैंबर (गुप्त बॉक्स) बना रखे थे, जिसमें भारी मात्रा में गांजा छिपाया गया था। डौंडीलोहारा थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने भेड़ी तिराहा के पास नाकेबंदी कर एक नाबालिग समेत 5 आरोपियों को दबोचा है, जिनके कब्जे से 72 किलो से अधिक गांजा बरामद हुआ है।
रेकी कर आगे-पीछे चल रही थीं 4 बाइकें, पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) मोनिका ठाकुर ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि डौंडीलोहारा पुलिस को 9 जून को पुख्ता मुखबिर से सूचना मिली थी कि चार बाइकों पर सवार कुछ लोग ओडिशा से अवैध गांजा लेकर महासमुंद-बालोद के रास्ते मध्य प्रदेश की ओर बढ़ रहे हैं। सूचना यह भी थी कि गिरोह के कुछ सदस्य पुलिस की चेकिंग से बचने के लिए आगे-पीछे रहकर रास्ते की रेकी कर रहे हैं, जबकि बीच की बाइकों में गांजे की खेप लोड है। सूचना मिलते ही पुलिस और साइबर सेल ने तत्काल एक्शन लेते हुए भेड़ी तिराहा पर मजबूत नाकेबंदी कर दी।
चेकिंग के दौरान जब पुलिस ने पहली बाइक को रोकने का इशारा किया, तो पीछे बैठा एक आरोपी बाइक से कूदकर अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की तरफ भाग निकला, जबकि चालक को पुलिस ने पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस ने पीछे आ रही अन्य तीनों संदिग्ध बाइकों को भी घेराबंदी कर रोक लिया।
लोहे के कैरियर और टब के पेंदे में छिपा था 36 लाख का गांजा
जब पुलिस टीम ने रोकी गई बाइकों की बारीकी से तलाशी ली, तो दो बाइकों के पीछे लोहे का विशेष कैरियर वेल्डिंग किया हुआ मिला, जिस पर बड़े आकार के काले प्लास्टिक के टब बंधे हुए थे। पहली नजर में वे सामान्य फेरी वाले लग रहे थे, लेकिन जब टबों को खोलकर उनके पेंदे (नीचे के हिस्से) की जांच की गई, तो वहां बनाए गए सीक्रेट चैंबर देखकर पुलिस अधिकारी भी दंग रह गए। इन गुप्त खानों में से एक बाइक से 22 पैकेट और दूसरी बाइक से 28 पैकेट गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने जब कुल 50 पैकेटों के गांजे का वजन कराया, तो वह 72 किलो 621 ग्राम निकला, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 36 लाख 31 हजार 50 रुपये आंकी गई है।
मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं सभी तस्कर, कुल 40 लाख का मशरूका जब्त
पूछताछ में पकड़े गए सभी आरोपी मध्य प्रदेश के रायसेन और सागर जिले के निवासी निकले। पुलिस ने गांजे के साथ-साथ तस्करी में इस्तेमाल की जा रही 4 मोटरसाइकिलें और 4 मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जब्त की गई कुल संपत्तियों की कीमत 40 लाख 52 हजार 50 रुपये बताई जा रही है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम:
- श्याम गोंड (26 वर्ष) – निवासी ग्राम टपराटोला, थाना व जिला रायसेन (मप्र)।
- पवन गोंड (26 वर्ष) – निवासी वार्ड क्रमांक 13, राहतगढ़, जिला सागर (मप्र)।
- प्रदीप चौहान (20 वर्ष) – निवासी ग्राम टपरापठारी, थाना व जिला रायसेन (मप्र)।
- संजय कुमावत (20 वर्ष) – निवासी ग्राम टपरापठारी, थाना व जिला रायसेन (मप्र)।
- इसके अलावा गिरोह में शामिल एक नाबालिग बालक को भी पुलिस ने अभिरक्षा में लिया है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई, फरार आरोपी की तलाश तेज
बालोद पुलिस ने पकड़े गए चारों बालिग आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट (NDPS Act) की धारा 20(ख) के तहत गैर-जमानती अपराध दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है, जबकि विधि से संघर्षरत नाबालिग बालक को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है। डौंडीलोहारा पुलिस ने बताया कि मौके से फरार हुए उनके एक अन्य साथी की पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।



