IPS रतनलाल डांगी मामले में बड़ा अपडेट, हाईकोर्ट में सरकार ने कहा- प्राथमिक जांच में आरोप प्रमाणित
DGP ने जांच अधिकारी बदलने का प्रस्ताव भेजा, दीपांशु काबरा और प्रशांत कुमार अग्रवाल के नाम प्रस्तावित
बिलासपुर/रायपुर, 4 अक्टूबर। निलंबित IPS अधिकारी रतनलाल डांगी से जुड़े महिला उत्पीड़न के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है। सरकार ने अदालत को बताया कि मामले की प्राथमिक जांच में शिकायत में लगाए गए आरोप प्रमाणित पाए गए हैं। हालांकि प्राथमिक जांच का यह निष्कर्ष अंतिम न्यायिक फैसला नहीं है और मामले की आगे की जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
जांच अधिकारी बदलने का प्रस्ताव
पुलिस विभाग ने हाईकोर्ट को बताया कि DGP की ओर से गृह सचिव को जांच व्यवस्था में बदलाव का प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें IPS दीपांशु काबरा को नया जांच अधिकारी और IPS प्रशांत कुमार अग्रवाल को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी बनाए जाने की सिफारिश की गई है।
हालांकि यह अभी प्रस्ताव है। सक्षम स्तर से मंजूरी मिलने के बाद ही नई जांच व्यवस्था प्रभावी होगी।
पुरानी जांच पर पीड़िता ने उठाए थे सवाल
यह मामला एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) की पत्नी की शिकायत से जुड़ा है। महिला ने रतनलाल डांगी पर लंबे समय तक शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न तथा यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।
शिकायतकर्ता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर प्रारंभिक जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए थे। उनका आरोप था कि जांच के दौरान उनका पक्ष उचित तरीके से नहीं सुना गया और आरोपी अधिकारी को बचाने का प्रयास किया गया। इन आरोपों की अंतिम पुष्टि अभी न्यायिक प्रक्रिया का विषय है।
पहले इन अधिकारियों को दी गई थी जांच की जिम्मेदारी
याचिका में बताया गया था कि प्रारंभिक जांच की जिम्मेदारी तत्कालीन IG आनंद छाबड़ा और DIG मिलना कुर्रे को दी गई थी। शिकायतकर्ता ने दोनों अधिकारियों की भूमिका पर आपत्ति जताते हुए निष्पक्ष जांच के लिए जांच अधिकारी बदलने की मांग की थी।
उन्होंने विशेष रूप से किसी वरिष्ठ अधिकारी, preferably महिला IAS अधिकारी, से जांच कराने की मांग की थी।
15 अक्टूबर 2025 को की थी शिकायत
रिपोर्टों के मुताबिक, महिला ने 15 अक्टूबर 2025 को पुलिस मुख्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने डांगी पर करीब सात वर्षों से शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।
आरोप सामने आने के बाद डांगी को पद से हटाया गया और बाद में निलंबित कर दिया गया। रतनलाल डांगी ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को गलत बताया है।
हाईकोर्ट की निगरानी में आगे की प्रक्रिया
मामले में हाईकोर्ट ने पुलिस विभाग और गृह विभाग से जांच की स्थिति तथा अब तक की कार्रवाई की जानकारी मांगी थी। अब विभाग की ओर से जांच अधिकारी बदलने का प्रस्ताव अदालत के सामने रखा गया है।
पीड़िता के अधिवक्ता अभिषेक पांडेय के अनुसार मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह होने की संभावना है। इसमें जांच अधिकारी बदलने के प्रस्ताव और आगे की जांच की स्थिति पर जानकारी सामने आ सकती है।
फिलहाल प्राथमिक जांच में आरोप प्रमाणित पाए जाने की जानकारी सामने आई है, लेकिन आरोपों पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष अभी नहीं आया है। आगे की विभागीय जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही मामले की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
