लैलूंगा थाना में ग्राम कोटवारों की बैठक, थाना प्रभारी ने नशामुक्ति अभियान में उत्कृष्ट योगदान पर कोटवारों को किया सम्मानित

रायगढ़ । पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग कुमार पटेल के दिशा निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी तथा पुलिस अनुविभागीय अधिकारी धरमजयगढ़ श्री सिद्दांत तिवारी के मार्गदर्शन में आज दिनांक 22 जनवरी 2026 को थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव द्वारा थाना परिसर में क्षेत्र के ग्राम कोटवारों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्राम कोटवारों को प्रशासन एवं पुलिस व्यवस्था का अभिन्न अंग बताते हुए उनके कर्तव्यों, जिम्मेदारियों और कानून व्यवस्था बनाए रखने में उनकी भूमिका की विस्तार से जानकारी दी गई।

थाना प्रभारी ने कोटवारों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने गांव में बाहरी व्यक्तियों की गतिविधियों पर सतत नजर रखें तथा किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। अवैध शराब, जुआ-सट्टा, नशीले पदार्थों का कारोबार, चोरी, मारपीट, घरेलू हिंसा या किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि की सूचना बिना देरी के थाने को देना अनिवार्य होगा। उन्होंने नशामुक्ति अभियान में सक्रिय सहयोग करने, ग्रामीणों को नशे से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने और गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही कोटवारों को यह भी कहा गया कि गांव में नए परिवारों के आगमन, किरायेदारों की सूचना तथा अन्य प्रशासनिक सूचनाएं नियमित रूप से थाने तक पहुंचाएं। महिलाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों से जुड़ी किसी भी प्रकार की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तुरंत पुलिस को अवगत कराना होगा। थाना प्रभारी ने सभी कोटवारों से थाना स्तर पर आयोजित बैठकों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर पुलिस के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने की अपील की।

बैठक के दौरान ग्राम कमरगा के कोटवार कन्हैया चौहान तथा ग्राम गुड़बहाल की महिला कोटवार श्रीमती धनकुंवर चौहान को गांव में नशामुक्ति के प्रति लोगों को जागरूक करने और पुलिस को सक्रिय सहयोग प्रदान करने के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। दोनों कोटवारों के प्रयासों की सराहना करते हुए थाना प्रभारी ने अन्य कोटवारों को भी समाजहित में इसी तरह सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं थाना स्टाफ भी मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ग्राम स्तर पर सतर्कता, जनसहयोग और प्रभावी सूचना तंत्र से ही अपराधों पर नियंत्रण और सुरक्षित समाज की स्थापना संभव है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button