
रायगढ़ अफीम खेती मामला: कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना, उच्चस्तरीय जांच की मांग
दुर्ग/रायगढ़। रायगढ़ के तमनार क्षेत्र में अफीम की अवैध खेती के मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। निकिता मिलिंद ने प्रेस बयान जारी करते हुए प्रदेश सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि दुर्ग और बलरामपुर के बाद अब रायगढ़ के तमनार (आमाघाट) में अफीम की खेती का खुलासा प्रदेश की कानून व्यवस्था की स्थिति को उजागर करता है। उनके अनुसार जिस जमीन पर तरबूज और ककड़ी की खेती का दावा किया गया था, वहां अफीम की फसल पाई गई, जो प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े करती है।
प्रशासन पर उठाए सवाल
उन्होंने सवाल किया कि क्या अफीम की खेती अचानक हो गई या फिर स्थानीय पुलिस और प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं थी। साथ ही उन्होंने इस मामले में मिलीभगत और संरक्षण की आशंका जताई और कहा कि यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि गहरे स्तर पर अनियमितताओं का संकेत हो सकता है।
सरकार पर आरोप
बयान में यह भी कहा गया कि प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार पर नियंत्रण कमजोर है और कानून व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में इस तरह की घटनाएं बढ़ना चिंता का विषय है।
जांच की मांग
निकिता मिलिंद ने इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि प्रदेश के युवाओं को नशे के प्रभाव से बचाया जा सके और भविष्य सुरक्षित रह सके।
