
शासन-प्रशासन को पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने की पहल
छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य भर के सभी कार्यालयों में अब आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू की जाएगी। यह कदम CG Aadhaar Attendance व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।
GAD ने जारी किया नया आदेश—28 नवंबर तक अनिवार्य जानकारी जमा करना होगा
सामान्य प्रशासन विभाग ने नया निर्देश जारी करते हुए सभी संभागायुक्तों और कलेक्टरों को प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा है। सभी विभागों को 28 नवंबर 2025 तक निर्धारित प्रारूप में जानकारी उपलब्ध करानी अनिवार्य की गई है। यह कदम GAD Order Chhattisgarh के तहत किया जा रहा है।
सरकार ने तय किए नोडल अधिकारी—प्रॉक्सी अटेंडेंस पर लगेगी रोक
सभी विभागों में पहले से नियुक्त ई-ऑफिस नोडल अधिकारी अब AEBAS के नोडल अधिकारी भी होंगे। इस नई व्यवस्था से उपस्थिति दर्ज करने में पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जी उपस्थिति या प्रॉक्सी अटेंडेंस पर पूरी तरह रोक लगाई जा सकेगी। यह नियम AEBAS System को व्यापक रूप से लागू करने का हिस्सा है।
20 नवंबर से मंत्रालय में ट्रायल रन—फेसियल ऑथेंटिकेशन सिस्टम का लाइव डेमो
महानदी भवन और इंद्रावती भवन में 20 नवंबर से AEBAS का ट्रायल रन शुरू हो गया है। बैठक में मुख्य सचिव विकास शील की उपस्थिति में फेसियल ऑथेंटिकेशन और आधार-सक्षम बायोमेट्रिक मशीनों का लाइव डेमो प्रस्तुत किया गया। यह कदम Biometric Attendance Rule को पूरी तरह लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
1 दिसंबर से अनिवार्य उपस्थिति—कार्यालयी व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि 1 दिसंबर 2025 से मंत्रालय सहित सभी सरकारी दफ्तरों के लिए बायोमेट्रिक प्रणाली के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराना पूरी तरह अनिवार्य होगा। इससे समयपालन, पारदर्शिता और कार्यकुशलता में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद की जा रही है।
नई व्यवस्था छत्तीसगढ़ की CG e-Governance नीति को और मजबूत करेगी।
छत्तीसगढ़ सरकार ने सभी सरकारी कार्यालयों में Aadhaar आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली को अनिवार्य किया। 1 दिसंबर 2025 से सभी अधिकारी-कर्मचारियों के लिए AEBAS अनिवार्य होगा। GAD ने 28 नवंबर तक विभागों से जानकारी मांगी।




