
RBI ने बैंकिंग सिस्टम में डाली ₹55,837 करोड़ की नकदी
नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकिंग प्रणाली में तरलता बनाए रखने के लिए मंगलवार को तीन दिवसीय वैरिएबल रेट रेपो (VRR) नीलामी के जरिए ₹55,837 करोड़ की अस्थायी नकदी डाली है।
RBI के बयान के अनुसार, यह राशि 5.26% की कट-ऑफ दर और भारित औसत दर पर उपलब्ध कराई गई। हालांकि, यह आंकड़ा अधिसूचित ₹1 लाख करोड़ की तुलना में काफी कम रहा।
नकदी में क्यों आई कमी?
विशेषज्ञों के मुताबिक, अग्रिम कर (Advance Tax) भुगतान के चलते बैंकिंग प्रणाली में नकदी का स्तर तेजी से घटा है।
- 23 मार्च तक बैंकिंग प्रणाली में अनुमानित अधिशेष नकदी लगभग ₹26,196.36 करोड़ रह गई है
RBI के लगातार कदम
RBI पिछले कुछ दिनों से तरलता संतुलित रखने के लिए सक्रिय है—
- हाल के दिनों में विभिन्न अवधि की VRR नीलामी से ₹2,08,208 करोड़ की अस्थायी नकदी डाली गई
- जनवरी 2026 से अब तक ओपन मार्केट ऑपरेशन (OMO) के जरिए सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद कर ₹3.50 लाख करोड़ की स्थायी नकदी भी डाली जा चुकी है
क्या है इसका असर?
इस कदम से बैंकों के पास नकदी की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे:
- लोन वितरण आसान होगा
- ब्याज दरों पर दबाव कम रहेगा
- वित्तीय प्रणाली में स्थिरता बनी रहेगी
RBI का यह कदम बाजार में तरलता बनाए रखने और आर्थिक गतिविधियों को सुचारू रखने के लिए अहम माना जा रहा है।
