Raipur। छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों और कथित कालाबाजारी का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। इस मामले को लेकर विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा कराने की मांग की, लेकिन आसंदी ने प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इससे नाराज विपक्षी सदस्य गर्भगृह में पहुंच गए, जिसके बाद नियमों के तहत कांग्रेस के 30 विधायकों को निलंबित करने की घोषणा की गई।
शून्यकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष Charan Das Mahant और पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने कहा कि गैस सिलेंडर के दाम बढ़ते ही जमाखोरी और कालाबाजारी बढ़ गई है, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इस विषय पर सदन की कार्यवाही रोककर चर्चा कराने की मांग की।
विपक्ष के स्थगन प्रस्ताव पर भाजपा विधायक Ajay Chandrakar ने कहा कि यह केंद्र सरकार से जुड़ा विषय है और विधानसभा के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। इस टिप्पणी के बाद विपक्षी विधायक खड़े होकर नारेबाजी करने लगे, जिसके जवाब में सत्ता पक्ष की ओर से भी नारे लगाए जाने लगे।
लगातार हंगामे के बीच सभापति Dharamlal Kaushik ने सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी। कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर विपक्ष ने फिर से सिलेंडर की कालाबाजारी का मुद्दा उठाने की कोशिश की, लेकिन सभापति ने स्थगन प्रस्ताव खारिज करते हुए चर्चा की अनुमति नहीं दी।
इससे नाराज विपक्षी विधायक नारेबाजी करते हुए गर्भगृह में पहुंच गए। इसके बाद नियमों के तहत कांग्रेस के 30 विधायकों को निलंबित करने की घोषणा की गई। विपक्षी विधायक सरकार विरोधी नारे लगाते हुए सदन से बाहर चले गए। हालांकि कुछ ही देर बाद आसंदी ने सभी विधायकों का निलंबन वापस ले लिया।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में गैस सिलेंडर की कीमतों पर हंगामा, 30 कांग्रेस विधायक निलंबित, बाद में बहाली
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