
रायगढ़ की ग्रामीण महिलाएं बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल, बिहान योजना से घर-घर में बढ़ी आमदनी और उम्मीद
गृह उद्योग और हस्तशिल्प के जरिए ग्रामीण महिलाएं बन रही आर्थिक रूप से सशक्त
रायगढ़, 8 अप्रैल 2026। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) योजना के तहत रायगढ़ जिले की ग्रामीण महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की मजबूत मिसाल बनकर उभर रही हैं। योजना से जुड़कर महिलाएं न सिर्फ आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि अपने परिवार की आय बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभा रही हैं।

आरएफ और सीआईएफ सहायता से महिला ने शुरू किया अचार-पापड़ और मसाला व्यवसाय
ग्राम बड़ेभंडार निवासी मथुरा कुर्रे ने बताया कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें “आर.एफ.” और “सी.आई.एफ.” के तहत आर्थिक सहायता मिली। इस सहयोग से उन्होंने घर पर ही अचार, पापड़, बड़ी और मसाला निर्माण का कार्य शुरू किया। आज वे अपने उत्पादों को बाजार में बेचकर अच्छी आय अर्जित कर रही हैं और उनका परिवार आर्थिक रूप से मजबूत हुआ है।

बांस शिल्प से बदली जिंदगी, जमुना सिदार बनी स्वरोजगार की प्रेरणा
ग्राम रूमकेरा, तहसील घरघोड़ा की जमुना सिदार पहले गृहिणी थीं। बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्होंने बांस शिल्प का प्रशिक्षण लिया और टोकरी, सूपा सहित विभिन्न उत्पाद बनाना शुरू किया।
अब वे मेलों और ‘सरस मेला’ जैसे आयोजनों में अपने उत्पादों का प्रदर्शन कर अच्छी आय प्राप्त कर रही हैं।
कौशल विकास और आत्मविश्वास से महिलाओं को मिल रही नई पहचान
बिहान योजना केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि कौशल विकास, आत्मविश्वास और सामाजिक पहचान भी प्रदान कर रही है। जिले में बड़ी संख्या में महिलाएं स्वरोजगार से जुड़कर अपने जीवन को नई दिशा दे रही हैं।
प्रशासन की पहल से ग्रामीण महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण तेज
जिला प्रशासन द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। शासन की मंशानुरूप महिलाएं विभिन्न योजनाओं से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रही हैं।


