1000 साल बाद चट्टान में आजाद हुआ ‘राक्षस’, जो संपर्क में आया मिली मौत!

इस दुनिया में कई रहस्मयी चीजें है, जिनके बारे में जानने के बाद लोगों के होश उड़ जाते हैं। कई ऐसे रहस्य है इस दुनिया में जिनके राज आज तक नहीं सुलझे। इसी में एक राज के बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं। हालांकि अब इन पर कोई विश्वास नहीं करता। जी दरअसल ऐसा ही एक मामला बीते दिनों जापान से भी सामने आया था। जी दरअसल यहां एक प्राचीन शिलाखंड में एक दानव के कैद होने का दावा किया जाता था। बताया जा रहा है यह प्राचीन शिलाखंड पिछले दिनों रहस्यमयी तरीके से दो भागों में विभाजित हो गई। केवल यही नहीं बल्कि इस शिलाखंड के टूटने के पीछे कई स्थानीय लोगों का मानना है कि शैतानी ताकतों की वजह से ऐसा हुआ है।

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चट्टान में बुरी आत्मा!- सामने आने वाली एक रिपोर्ट के अनुसार, सेशो सेकी उर्फ द किलिंग स्टोन के नाम से मशहूर यह शिलाखंड एक ज्वालामुखी चट्टान है। जी हाँ और इसके बारे में स्थानीय लोगों का मानना है कि इस चट्टान में एक बुरी आत्मा है और सेंट्रल जापान में एक सक्रिय ज्वालामुखी पर बैठती है। आप सभी को बता दें कि जापानी पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस पत्थर में एक बुरी आत्मा का वास है और यह इतनी शक्तिशाली है कि जो भी इसके संपर्क में आता है उसे मार देता है। बीते दिनों जब रहस्यमयी चट्टान दो भागों में बंटी तो कई लोगों ने इसको लेकर चिंता जताई। जी दरअसल, इस पत्थर से लगातार जहरीली गैस निकल रही थी।

ऐसा माना जाता है कि इस किलिंग स्टोन किलिंग स्टोन में तमामो-नो-माई की लाश थी, जो एक खूबसूरत महिला के रूप में दिखाई देती थी, लेकिन बाद में नौ पूंछ वाली लोमड़ी के रूप में सामने आई। वहीं जापानी पौराणिक कथाओं के अनुसार, तमामो-नो-माई एक शक्तिशाली जापानी सामंती प्रभु के लिए काम कर रहा था और वह 1100 के दशक में सम्राट टोबा को उखाड़ फेंकने और मारने की साजिश रच रहा था। ऐसा माना जाता है कि इस पत्थर में उसकी लाश थी।

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