Raigarh जिले में औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा और कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन द्वारा सख्ती बरती जा रही है। Mayank Chaturvedi के निर्देश पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
कार्यालय उप संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के उप संचालक Rahul Patel ने जिले के विभिन्न कारखानों में हुई दुर्घटनाओं के बाद निरीक्षण किया। निरीक्षण में सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कारखानों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण Labour Court Raigarh में दायर किए गए थे, जिनका फरवरी 2026 में निराकरण किया गया। अदालत ने दोषी संचालकों पर लाखों रुपये का अर्थदंड लगाया है।
इन कारखानों पर लगा जुर्माना
- ग्राम सराईपाली स्थित मेसर्स नवदुर्गा फ्यूल प्रा.लि. में कारखाना अधिनियम 1948 के प्रावधानों के उल्लंघन पाए गए। इस मामले में अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक प्रकाश बेहरा पर 2 लाख 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
- ग्राम पाली (मेन रोड) स्थित मेसर्स अग्रोहा स्टील एंड पावर प्रा.लि. में सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के मामले में अधिभोगी उत्तम कुमार अग्रवाल और कारखाना प्रबंधक वीर विक्रम सिंह पर अदालत ने अलग-अलग 4-4 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया।
- Jashpur जिले के फरसाबहार विकासखंड के ग्राम उपरकछार स्थित मेसर्स विष्णु ब्रिक्स इंडस्ट्रीज में भी कारखाना अधिनियम 1948 के कई प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया। इस मामले में संचालक विष्णु प्रसाद को 3 लाख 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।
निर्माण कार्य से जुड़े मामले में भी कार्रवाई
ग्राम कोटमार स्थित मेसर्स इंड सिनर्जी लिमिटेड के संचालक नेत्रानंद थतोई तथा ए.जी. कंस्ट्रक्शन के संचालक अदालत गिरी के खिलाफ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम 1996 और संबंधित नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया।
इस मामले में श्रम न्यायालय रायगढ़ ने दोनों को 8-8 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


