Sunday Special: प्रेम का प्रतीक लक्ष्मण मंदिर, जानें किस रानी ने अपने पति की याद में कराया था इसका निर्माण
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मंदिर मं तीन बड़े संग्रहालय मौजूद हैं, जहां प्राचीन प्रतिमाओं का अनोखा संगम यहां देखने को मिलता है। लक्ष्मण मंदिर छत्तीसगढ़ में ईटों से निर्मित भारत का पहला मंदिर है। लक्ष्मण मंदिर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से करीब 90 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
यह प्रसिद्ध मंदिर ईटों से एक ऊंचे प्लेटफॉर्म पर और तीन प्रमुख भागों में बना हुआ है जिन्हे गर्भ गृह (मुख्य घर), अंतराल (पैसज) और मंडप ( एक शेल्टर ) कहा जाता है। पूरी तरह से ईंट से निर्मित यह मंदिर बहुत विशाल है और भगवान विष्णु को समर्पित है।
वहीं उत्तर और दक्षिण दिशा से मंदिर के आंगन के शीर्ष तक पहुंचने के चरण हैं। मंदिर का प्रवेश द्वार बहुत ही सुंदर और यह द्वार मंदिर में आने वाले लोगों के आकर्षण का केन्द्र है। मंदिर के प्रवेश द्वार में शेष भगवान विष्णु उत्कीर्ण हैं। विष्णु लीला के दृश्य और भगवान विष्णु के मुख्य अवतार भी वर्णित हैं।
लक्ष्मण मंदिर न केवल प्राचीन स्मारक है, बल्कि यह मंदिर ‘गहरे प्रेम’ का एक अनूठा और बेजोड़ उदहारण है। यह पति के प्यार का प्रतीक माना जाता है और इस मंदिर का निर्माण नागर शैली में 735-40 ई. में कराया गया था।
मान्यता है कि लक्ष्मण मंदिर का निर्माण महाशिवगुप्त बालार्जुन के शासनकाल में राजा हर्षगुप्त की याद में रानी वसाटा देवी ने कराया था।



