छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के 13वें दिन सदन में गरमाया माहौल

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का 13वां दिन आज काफी हलचल भरा रहा। प्रश्नकाल की शुरुआत होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और हंगामा देखने को मिला। मुख्य रूप से कांग्रेस के प्रदर्शन, जंबूरी आयोजन में कथित गड़बड़ी, स्कूलों के युक्तियुक्तकरण और अतिथि शिक्षकों के मुद्दों पर सदन में चर्चा हुई।

कांग्रेस के प्रदर्शन पर सियासी तनातनी

सदन में बीजेपी विधायकों ने कांग्रेस के विधानसभा घेराव को लेकर तंज कसा। मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस के कार्यक्रम में उनके अपने नेता भी मौजूद नहीं थे और कई कुर्सियां खाली पड़ी थीं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि कवासी लखमा को बैठाने तक की व्यवस्था नहीं की गई थी। इसके जवाब में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि कार्यक्रम में भारी संख्या में लोग शामिल हुए और प्रदेश में सरकार के खिलाफ माहौल बन रहा है।

जंबूरी आयोजन पर विपक्ष का हमला

बालोद में आयोजित जंबूरी कार्यक्रम को लेकर सदन में जमकर बहस हुई। विधायक राघवेंद्र सिंह ने स्कूल शिक्षा मंत्री से पूछा कि स्काउट-गाइड परिषद का अध्यक्ष कौन है और आयोजन का निर्णय किस प्रक्रिया से लिया गया। मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि शिक्षा मंत्री ही परिषद के अध्यक्ष होते हैं और 14 नवंबर 2025 को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय मुख्यालय द्वारा 5 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई थी।

विपक्ष ने टेंडर जारी करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। मंत्री ने बताया कि राज्य कार्यकारिणी ने टेंडर की अनुमति दी और स्थान का चयन पहले ही कर लिया गया था। इसके बावजूद विपक्ष असंतुष्ट रहा और सदन से वॉकआउट कर दिया, साथ ही मामले की जांच विधायक दल से कराने की मांग की।

स्कूलों के युक्तियुक्तकरण पर सरकार की प्रतिक्रिया

बीजेपी विधायक सुनील सोनी ने स्कूलों के पुनर्गठन और खाली संपत्तियों के उपयोग पर सवाल उठाया। मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि प्रदेश में पिछले वर्ष 10,583 स्कूलों का युक्तियुक्तकरण किया गया और खाली भवनों का उपयोग शासकीय कार्यों में किया जाएगा।

रायपुर के स्कूलों की खराब स्थिति पर विधायक राजेश मूणत और अजय चंद्राकर ने सवाल उठाया। मंत्री ने बताया कि आवश्यक कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जा रहे हैं और 30 मार्च तक स्थिति सुधार दी जाएगी। रायपुर जिले में 389 स्कूलों का युक्तियुक्तकरण किया गया, जिनमें 4 स्कूल वर्तमान में खाली हैं।

अतिथि शिक्षकों के वेतन और नियमितीकरण पर हंगामा

अतिथि शिक्षकों के वेतन और नियमितीकरण के मुद्दे पर भी सदन में विवाद हुआ। विधायक विक्रम मंडावी ने उनके मानदेय और भर्ती प्रक्रिया पर सवाल किए। मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि अतिथि शिक्षकों को 20 हजार रुपए का मानदेय दिया जा रहा है और उपस्थिति के आधार पर भुगतान होता है। उन्होंने कहा कि नियमितीकरण को लेकर कोई वादा नहीं किया गया। इस पर कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने विरोध जताया। विपक्ष के असंतोष के कारण सदन में फिर हंगामा हुआ और एक बार फिर वॉकआउट किया गया।

पुनर्वासित नक्सलियों ने सदन की कार्यवाही देखी

सत्र के दौरान बीजापुर और कांकेर जिले के पुनर्वासित नक्सली भी विधानसभा पहुंचे। यह लोग पहली बार रायपुर आए हैं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को समझने के लिए सदन की कार्यवाही का अवलोकन कर रहे हैं। इनमें 12 डीवीसी सदस्य और संगठन से जुड़े पूर्व नक्सली शामिल थे, जो अब मुख्यधारा में लौट चुके हैं।

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