पश्चिम एशिया युद्ध से वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर, तेल आपूर्ति और समुद्री परिवहन प्रभावित



दुनिया के ऊर्जा बाजार पर Middle East में जारी युद्ध का बड़ा असर पड़ रहा है। संघर्ष के कारण तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति बाधित हो गई है और कई देशों को उत्पादन रोकना या घटाना पड़ा है। दुनिया की अहम तेल आपूर्ति लाइन माने जाने वाले Strait of Hormuz से जहाजों की आवाजाही भी लगभग ठप हो गई है।

दुनिया की प्रमुख तेल कंपनी Saudi Aramco ने चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य जल्द नहीं खुला तो वैश्विक तेल बाजार को गंभीर परिणाम झेलने पड़ सकते हैं।

ऊर्जा परियोजनाओं पर बड़ा असर

युद्ध के कारण क्षेत्र की कई बड़ी ऊर्जा परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं।

Ras Tanura Refinery का संचालन सऊदी अरब ने रोक दिया है और उत्पादन में कटौती की है।

ड्रोन हमले के बाद Abu Dhabi National Oil Company को अपनी विशाल Ruwais Refinery बंद करनी पड़ी।


इसके अलावा Kuwait ने उत्पादन घटाते हुए ‘फोर्स मेज्योर’ घोषित कर दिया है। वहीं Iraq के दक्षिणी तेल क्षेत्रों में उत्पादन 43 लाख बैरल प्रतिदिन से घटकर लगभग 13 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया है। कई तेल कंपनियों ने भी फोर्स मेज्योर लागू किया है।

समुद्री परिवहन पर बढ़ा खतरा

होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास कई जहाजों पर हमले होने के बाद अधिकांश टैंकरों ने इस मार्ग से गुजरना बंद कर दिया है। कई समुद्री बीमा कंपनियों ने भी इस क्षेत्र के लिए युद्ध जोखिम बीमा रद्द कर दिया है।

इस बीच Donald Trump ने कहा कि अमेरिकी नौसेना टैंकरों को सुरक्षा दे सकती है, लेकिन हमलों के खतरे के कारण अभी तक ऐसे अनुरोध स्वीकार नहीं किए गए हैं।

होर्मुज बंद हुआ तो बढ़ेगी महंगाई

United Nations ने चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होता है तो दुनिया भर में खाद्य कीमतों और जीवन-यापन की लागत में बढ़ोतरी हो सकती है।

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक समुद्री तेल व्यापार का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है। इसके अलावा एलएनजी और उर्वरक भी इसी रास्ते से भेजे जाते हैं। ऊर्जा और परिवहन लागत जैसे माल ढुलाई, जहाज ईंधन और बीमा महंगे होने से वैश्विक बाजार में कीमतों पर बड़ा असर पड़ सकता है।

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