महतारी वंदन योजना के दो साल: आर्थिक सहायता से आगे बढ़कर छत्तीसगढ़ की महिलाओं के आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की मजबूत पहचान बनी योजना



छत्तीसगढ़ — महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई महतारी वंदन योजना ने प्रदेश में अपने सफल दो वर्ष पूरे कर लिए हैं। आज यह योजना केवल मासिक आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि राज्य की लाखों महिलाओं के लिए आत्मसम्मान, भरोसे और आर्थिक आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन चुकी है।

योजना की शुरुआत 10 मार्च 2024 को हुई थी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली किस्त जारी कर इसे औपचारिक रूप से देश और प्रदेश को समर्पित किया। इसके बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने योजना को पारदर्शिता, संवेदनशीलता और सुशासन के साथ लागू किया, ताकि सहायता की राशि बिना किसी बाधा के सीधे पात्र महिलाओं के बैंक खातों तक पहुंचे।

24वीं किस्त जारी, 68 लाख से अधिक महिलाओं को सीधा लाभ

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 30 जनवरी को नारायणपुर जिले से महतारी वंदन योजना की 24वीं किस्त जारी की। इस अवसर पर 68 लाख 47 हजार 355 महिलाओं के खातों में 641 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से अंतरित की गई।

अब तक 15,595 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं तक पहुंची

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, योजना की शुरुआत से अब तक 15 हजार 595 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि महतारी वंदन योजना प्रदेश में महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक निर्णायक पहल बन चुकी है।

सिर्फ योजना नहीं, महिलाओं के जीवन में बदलाव का माध्यम

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में इस योजना का असर साफ दिखाई दे रहा है। मासिक सहायता से महिलाएं न केवल अपने छोटे-मोटे खर्चों को स्वयं वहन कर पा रही हैं, बल्कि पारिवारिक निर्णयों में उनकी भागीदारी भी मजबूत हुई है। योजना ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ सम्मानजनक जीवन की ओर आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दिया है।

महतारी वंदन योजना आज छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण की सबसे प्रभावी और भरोसेमंद सरकारी योजनाओं में शामिल हो चुकी है, जो आने वाले समय में सामाजिक और आर्थिक बदलाव की मजबूत नींव बनेगी।

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