US-ईरान युद्ध खत्म होने की उम्मीद बढ़ी, यूरोप में इस सप्ताह हो सकता है बड़ा समझौता
ट्रम्प ने संभावित सैन्य हमले रोके, दोनों देशों के बीच बातचीत तेज
वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच कई महीनों से जारी तनाव और सैन्य संघर्ष के बीच शांति की उम्मीदें मजबूत होती दिखाई दे रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर प्रस्तावित सैन्य हमलों को रोकने का फैसला लिया है और दावा किया है कि दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता जल्द हो सकता है। रिपोर्टों के अनुसार, इस सप्ताह यूरोप में समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना जताई जा रही है।
ट्रम्प बोले- समझौते के करीब पहुंचे दोनों देश
डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। उन्होंने संकेत दिए कि यूरोप में होने वाली बैठक के दौरान शांति समझौते को अंतिम रूप दिया जा सकता है। ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि इसी प्रगति को देखते हुए उन्होंने ईरान के खिलाफ प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई रोक दी।
ईरान ने कहा- अभी अंतिम फैसला नहीं
हालांकि, ईरान की ओर से सावधानीपूर्ण प्रतिक्रिया सामने आई है। तेहरान ने स्पष्ट किया है कि अभी किसी अंतिम समझौते पर निर्णय नहीं लिया गया है और कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत जारी है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि प्रतिबंधों में राहत और अन्य शर्तों पर सहमति बनना अभी बाकी है।
युद्ध की आशंकाओं के बीच कूटनीति को मिली बढ़त
हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया था और सैन्य कार्रवाई की आशंकाएं भी जताई जा रही थीं। लेकिन ताजा घटनाक्रम में कूटनीतिक प्रयासों को बढ़ावा मिला है। अमेरिका की ओर से हमले टालने और वार्ता जारी रखने के संकेतों को संभावित शांति प्रक्रिया की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
वैश्विक बाजारों पर भी दिखा असर
अमेरिका-ईरान तनाव कम होने की उम्मीदों का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी दिखाई दिया। संभावित समझौते और संघर्ष कम होने की संभावना के बीच कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बना।
अभी समझौते का इंतजार
फिलहाल दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और दुनिया की नजरें यूरोप में प्रस्तावित बैठकों पर टिकी हैं। यदि वार्ता सफल रहती है तो यह समझौता पश्चिम एशिया में स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा बाजारों के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। हालांकि अंतिम सहमति बनने तक स्थिति पर अनिश्चितता बनी हुई है।



