
रायगढ़ — औरदा ग्राम में प्रस्तावित एयरपोर्ट निर्माण को लेकर ग्रामीणों के बीच गहरी चिंता और असंतोष देखा जा रहा है। इसी विषय पर हाल ही में गांव में एक बैठक आहूत की गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि वे किसी भी कीमत पर एयरपोर्ट निर्माण के लिए अपनी जमीन नहीं देंगे। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यह परियोजना उनके जीवन, आजीविका और बच्चों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगी।
ग्रामीणों का मुख्य तर्क है कि एयरपोर्ट निर्माण के लिए उनकी कृषि भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा, जो उनकी आय का प्रमुख स्रोत है। अधिकांश परिवार खेती-किसानी पर निर्भर हैं और वर्षों से इसी जमीन के सहारे अपना जीवन यापन कर रहे हैं। यदि जमीन चली जाती है तो उनके सामने रोजगार का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। इसके अलावा, कई ग्रामीणों के मकान भी प्रस्तावित क्षेत्र में आ रहे हैं, जिससे वे बेघर हो सकते हैं। उनका कहना है कि उचित पुनर्वास और स्थायी रोजगार की गारंटी के बिना वे अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे।
ग्रामीणों ने यह भी चिंता व्यक्त की कि एयरपोर्ट निर्माण से गांव की शाला भी प्रभावित होगी, जहां उनके बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। यदि स्कूल हटता है या बंद होता है तो बच्चों की पढ़ाई बाधित होगी और उनका भविष्य अंधकारमय हो सकता है। ग्रामीणों के अनुसार, शिक्षा ही उनके बच्चों के बेहतर भविष्य की एकमात्र आशा है, इसलिए वे किसी भी परिस्थिति में इसे प्रभावित नहीं होने देना चाहते।
इसी समस्या को लेकर ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल अपर कलेक्टर रबि राही से मिला और अपनी समस्याओं से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें बताया कि बिना ग्रामसभा की सहमति और पर्याप्त मुआवजे के भूमि अधिग्रहण उचित नहीं होगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पहले उनकी चिंताओं पर गंभीरता से विचार किया जाए और फिर कोई निर्णय लिया जाए।
अपर कलेक्टर रबि राही ने ग्रामीणों की बात ध्यानपूर्वक सुनी और उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि वे अपनी सभी आपत्तियों और मांगों को लिखित आवेदन के रूप में प्रस्तुत करें, ताकि उन्हें शासन स्तर पर विधिवत रखा जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन का उद्देश्य किसी के साथ अन्याय करना नहीं है, बल्कि विकास कार्यों के साथ-साथ जनता के हितों का संतुलन बनाए रखना है।
बैठक और प्रशासन से मुलाकात के दौरान दयानिधि ओगरे, सुरेन्द्र प्रसाद साव, बिम्बांधर साव सहित अनेक किसान उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि वे अपने हक और भविष्य की रक्षा के लिए एकजुट हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी जमीन, मकान और बच्चों की शिक्षा की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक वे एयरपोर्ट निर्माण का विरोध जारी रखेंगे।




