एल्डरमैन नियुक्ति पर भाजपा में गुटबाजी की चर्चा, महिलाओं को प्रतिनिधित्व नहीं मिलने पर उठे सवाल

रायगढ़। लंबे इंतजार के बाद रायगढ़ नगर निगम के आठ एल्डरमैनों की नियुक्ति की सूची जारी हो गई है। हालांकि, सूची सामने आते ही भाजपा संगठन के भीतर असंतोष और गुटबाजी की चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में इसे संगठनात्मक संतुलन और कार्यकर्ताओं के सम्मान की कसौटी पर भी देखा जा रहा है।

एल्डरमैन की नियुक्ति को केवल राजनीतिक पदों का वितरण नहीं, बल्कि संगठन के प्रति समर्पित कार्यकर्ताओं के सम्मान और विभिन्न सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की प्रक्रिया माना जाता है। आमतौर पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिलाओं तथा विभिन्न वर्गों को संतुलित प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया जाता है।

इस बार जारी सूची में एक भी महिला को स्थान नहीं मिलने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। महिला प्रतिनिधित्व नहीं होने पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा शुरू हो गई है। कई लोगों का मानना है कि वर्षों से संगठन में सक्रिय महिला कार्यकर्ताओं को भी अवसर मिलना चाहिए था।

राजनीतिक चर्चाओं में यह भी कहा जा रहा है कि नियुक्तियों में विभिन्न गुटों का प्रभाव देखने को मिला, जबकि कुछ वरिष्ठ और लंबे समय से सक्रिय कार्यकर्ताओं को जगह नहीं मिल सकी। हालांकि, इस संबंध में पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

सूत्रों के अनुसार, सूची जारी होने के बाद कुछ कार्यकर्ताओं में नाराजगी की चर्चा है और सोशल मीडिया पर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। साथ ही यह भी चर्चा है कि संगठन असंतोष जताने वाले कुछ कार्यकर्ताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार कर सकता है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि किसी भी नियुक्ति में सभी को संतुष्ट करना संभव नहीं होता, लेकिन यदि असंतोष संगठन के भीतर व्यापक रूप से दिखाई देने लगे तो नेतृत्व के लिए संवाद और समन्वय महत्वपूर्ण हो जाता है।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि पार्टी नेतृत्व उठ रहे सवालों और नाराजगी का समाधान किस तरह करता है तथा संगठनात्मक संतुलन बनाए रखने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

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