
(लर्निंग लाइसेंस शिविर में उमड़ा जनसैलाब, आदिवासी युवाओं में दिखा गजब का उत्साह)
(अरुण शर्मा संवाददाता)
किरंदूल= सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने और ग्रामीण-आदिवासी अंचलों के युवाओं को वैधानिक रूप से वाहन चलाने के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से किरंदुल पुलिस एवं परिवहन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में लर्निंग लाइसेंस शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में युवाओं की भारी भीड़ उमड़ी और सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिलीं।
शिविर में आदिवासी ग्रामीण क्षेत्रों के युवक-युवतियों के साथ-साथ महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बड़ी संख्या में आवेदनों को देखकर यह स्पष्ट हुआ कि अब युवा वर्ग बिना लाइसेंस वाहन चलाने के बजाय कानून का पालन करते हुए सुरक्षित ड्राइविंग को प्राथमिकता दे रहा है।
सड़क सुरक्षा को लेकर किया गया जागरूक
शिविर के दौरान पुलिस व परिवहन विभाग के अधिकारियों ने उपस्थित युवाओं को यातायात नियमों, हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग, ओवरस्पीडिंग से होने वाले नुकसान सहित सड़क सुरक्षा से जुड़े अहम बिंदुओं की जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि लाइसेंस केवल एक दस्तावेज़ नहीं, बल्कि सुरक्षित और जिम्मेदार नागरिक होने की पहचान है।
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बड़ी राहत
इस शिविर से दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों के युवाओं को बड़ा लाभ मिला, जिन्हें पहले लाइसेंस बनवाने के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे। एक ही स्थान पर प्रक्रिया पूरी होने से समय और खर्च दोनों की बचत हुई, जिससे लोगों में खासा संतोष देखा गया।
आगे भी होंगे ऐसे शिविर
पुलिस एवं परिवहन विभाग ने संकेत दिए हैं कि युवाओं की लगातार बढ़ती भागीदारी को देखते हुए आने वाले समय में ऐसे और शिविरों का आयोजन किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग वैधानिक रूप से लाइसेंस बनवाकर सड़क पर सुरक्षित वाहन चला सकें थाना प्रभारी संजय यादव के नेतृत्व में यह शिविर का आयोजन किया गया
इस सफल आयोजन ने यह साबित कर दिया कि जब प्रशासन और जनता साथ आते हैं, तो सड़क सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर सकारात्मक बदलाव संभव है।



