केलो नदी किनारे औद्योगिक अपशिष्ट डंप करने का आरोप, पर्यावरण संरक्षण को लेकर उठे सवाल

रायगढ़। रायगढ़ की जीवनदायिनी केलो नदी के किनारे बड़े पैमाने पर औद्योगिक राखड़, काली मिट्टी और अन्य अपशिष्ट डंप किए जाने के आरोप सामने आए हैं। इस मुद्दे को लेकर सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर चिंता जताई जा रही है। आरोप है कि चिराईपानी और लारा क्षेत्र के आसपास संचालित उद्योगों द्वारा नदी तट के समीप सैकड़ों डंपर औद्योगिक अवशिष्ट डाले जा रहे हैं, जिससे पर्यावरण और नदी की पारिस्थितिकी पर खतरा मंडरा रहा है।

आरोपों के अनुसार, बारिश के दौरान नदी किनारे डंप किया गया राखड़ और काली मिट्टी बहकर केलो नदी में मिल सकती है, जिससे जल प्रदूषण बढ़ने और जलीय जीवों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। साथ ही यह भी कहा गया है कि पर्यावरणीय नियमों के तहत औद्योगिक अपशिष्टों का वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया जाना चाहिए, लेकिन कथित तौर पर इन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।

इस मामले में जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के प्रभारी महामंत्री दीपक मंडल ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर जिला प्रशासन, पर्यावरण विभाग और संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि उद्योगों द्वारा नियमों की अनदेखी करते हुए केलो नदी के आसपास औद्योगिक अवशिष्ट डंप किए जा रहे हैं।

वहीं, नव निर्माण संकल्प समिति के अध्यक्ष रामचंद्र शर्मा ने भी मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित उद्योगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि केलो नदी रायगढ़ की जीवनरेखा और आस्था का केंद्र है, इसलिए इसके संरक्षण के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।

मामले को लेकर जिला कलेक्टर से भी हस्तक्षेप की मांग की गई है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक जिला प्रशासन, पर्यावरण विभाग या संबंधित उद्योगों की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आरोपों की पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगी।

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