कोलकाता की सरकारी इमारत में भीषण आग, करीब 4 हजार EVM जलने से सियासत गरमाई

विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल हुई मशीनें आग की चपेट में, SIT जांच शुरू

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक सरकारी भवन में लगी भीषण आग के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। आग की इस घटना में करीब 4 हजार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (EVM) नष्ट हो गईं। बताया जा रहा है कि ये मशीनें हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान विभिन्न सीटों पर उपयोग में लाई गई थीं। घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने मामले को लेकर सवाल उठाए हैं।


24 घंटे बाद आग पर पाया गया काबू

जानकारी के अनुसार आग दक्षिण 24 परगना जिला परिषद भवन में लगी, जहां कई सरकारी कार्यालय भी संचालित होते हैं। आग इतनी भीषण थी कि उस पर पूरी तरह काबू पाने में दमकल विभाग को लगभग 24 घंटे का समय लग गया।

घटना के बाद प्रशासन ने पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया और नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।


TMC ने चुनाव आयोग से मांगा जवाब

तृणमूल कांग्रेस ने घटना पर गंभीर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आग का वीडियो साझा करते हुए कहा कि चुनाव आयोग लगातार सवालों से बच नहीं सकता।

टीएमसी ने दावा किया कि आग में नष्ट हुई ईवीएम मशीनें कस्बा, जादवपुर, बेहाला ईस्ट, बेहाला वेस्ट, मेटियाबुरुज, सतगछिया और डायमंड हार्बर क्षेत्र की कई विधानसभा सीटों से संबंधित थीं।

पार्टी ने सवाल उठाया कि जब ईवीएम और सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने की मांग पहले ही की जा चुकी थी, तो ऐसी घटना कैसे हो गई।


कांग्रेस और AAP ने भी उठाए सवाल

कांग्रेस ने कहा कि राज्य सरकार और चुनाव आयोग को स्पष्ट करना चाहिए कि आग कैसे लगी और इतनी तेजी से ऊपरी मंजिलों तक कैसे पहुंच गई।

वहीं आम आदमी पार्टी ने भी घटना को गंभीर बताते हुए पूछा कि आखिर ऐसी क्या परिस्थितियां बनीं कि एक सरकारी भवन में इतनी बड़ी आग लग गई और हजारों ईवीएम इसकी चपेट में आ गईं।


मंत्री बोले- साजिश की आशंका से इनकार नहीं

पश्चिम बंगाल के दमकल एवं आपदा प्रबंधन राज्य मंत्री कौशिक चौधरी ने कहा कि आग की घटना सामान्य नहीं लगती। उन्होंने बताया कि आग पहले दूसरी और तीसरी मंजिल पर दिखाई दी, लेकिन बाद में सातवीं से दसवीं मंजिल तक पहुंच गई।

उन्होंने कहा कि चौथी, पांचवीं और छठी मंजिल को अपेक्षाकृत कम नुकसान पहुंचा, ऐसे में पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।


SIT गठित, फॉरेंसिक जांच शुरू

घटना की जांच के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। दक्षिण 24 परगना प्रशासन की शिकायत पर अलीपुर थाने में एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है।

फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम मौके से नमूने एकत्र करेगी और यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।


जांच रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा नहीं हुआ है। प्रशासन और जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब सभी की नजर SIT और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिससे घटना की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।

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