खरसिया में ऑनलाइन आईपीएल सट्टा नेटवर्क का भंडाफोड़: सट्टे और लेन-देन का हिसाब रखने वाला खाईवाल सुभेष अग्रवाल गिरफ्तार, मोबाइल जब्त
रायगढ़ जिला पुलिस द्वारा जुआ, सट्टा और अवैध ऑनलाइन गेमिंग के खिलाफ चलाए जा रहे कड़े अभियान के तहत खरसिया थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। आईपीएल (IPL) सहित अन्य क्रिकेट मैचों में ऑनलाइन सट्टा खिलाने, सट्टेबाजों से लाखों की रकम का लेन-देन करने और पूरे कारोबार का हिसाब-किताब रखने वाले एक शातिर खाईवाल को पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है। मामले में एक आरोपी पहले ही पकड़ा जा चुका है, जबकि सिंडिकेट का तीसरा सदस्य अब भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
नवीन स्कूल के पास रेड से खुला था सट्टे का डार्क नेटवर्क
खरसिया पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे सट्टा नेटवर्क का भंडाफोड़ तब शुरू हुआ जब पुलिस टीम ने पूर्व में **29 अप्रैल** को मुखबिर की सटीक सूचना पर खरसिया के नवीन स्कूल के पास, गली रोड पर अचानक दबिश दी थी। उस दौरान पुलिस ने मौके से सट्टा पट्टी और ऑनलाइन आईडी ऑपरेट करते हुए अंकित अग्रवाल नाम के युवक को रंगे हाथों दबोचा था। पुलिस ने अंकित के कब्जे से सट्टे में प्रयुक्त एंड्रॉइड मोबाइल फोन और **21 हजार रुपये नगद कैश** बरामद किए थे। जब पुलिस के साइबर एक्सपर्ट्स ने अंकित के मोबाइल को खंगाला, तो उसमें व्हाट्सएप (WhatsApp) चैट और सट्टे के लेन-देन के करोड़ों के डिजिटल रिकॉर्ड और अकाउन्ट्स मिले थे।
व्हाट्सएप के जरिए सट्टेबाजों से संपर्क, खातों का हिसाब रखता था सुभेष
हिरासत में लिए गए अंकित अग्रवाल ने कड़ाई से हुई पूछताछ में खरसिया और रायगढ़ क्षेत्र में चल रहे इस अंतरराज्यीय सट्टा नेटवर्क के पूरे तौर-तरीकों का खुलासा किया था। अंकित ने कुबूल किया था कि वह अकेले नहीं, बल्कि अपने दो अन्य पार्टनर्स— **अमित अग्रवाल** और **सुभेष अग्रवाल** के साथ मिलकर इस सट्टा सिंडिकेट को पार्टनरशिप में चलाता है।
अंकित ने बताया कि गिरोह के सभी सदस्य व्हाट्सएप ग्रुपों के जरिए स्थानीय सट्टेबाजों और खाईवालों से सीधे संपर्क में रहते थे। इसमें से सुभेष अग्रवाल (उम्र 39 वर्ष) का मुख्य काम आईपीएल मैचों के दौरान लगने वाले दांव, सट्टे की कुल रकम के कलेक्शन, सटोरियों को भुगतान करने और पूरे अवैध टर्नओवर का हिसाब-किताब (लेखा-जोखा) डायरी और मोबाइल में मेंटेन करना था।
फरार आरोपियों में से एक खरसिया से गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल
अप्रैल में मुख्य आरोपी अंकित की गिरफ्तारी के बाद से ही अमित अग्रवाल और सुभेष अग्रवाल अपनी गिरफ्तारी के डर से लगातार फरार चल रहे थे और पुलिस को चकमा दे रहे थे। इसी बीच खरसिया थाना प्रभारी को पुख्ता सूचना मिली कि फरार आरोपी सुभेष अग्रवाल लुक-छिपकर खरसिया शहर के ही एक इलाके में किसी से मिलने पहुंचा है।
सूचना मिलते ही पुलिस की एक विशेष टीम ने तत्काल घेराबंदी की और आरोपी **सुभेष अग्रवाल (39 वर्ष)** को धरदबोचा। पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई करते हुए आरोपी के पास से सट्टे के हिसाब में इस्तेमाल किया जाने वाला एक कीमती मोबाइल फोन जब्त किया है। थाने लाकर की गई पूछताछ में आरोपी ने सट्टा कारोबार में अपनी संलिप्तता और अपराध स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद पुलिस ने उसे स्थानीय न्यायालय में पेश किया, जहां से माननीय न्यायालय के आदेश पर उसे न्यायिक रिमांड पर सीधे जेल भेज दिया गया है।
तीसरे पार्टनर अमित अग्रवाल की तलाश तेज, कड़ियां जोड़ रही है पुलिस
खरसिया पुलिस ने साफ किया है कि इस ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क का पूरी तरह खात्मा करने के लिए जांच अभी जारी है। मामले का तीसरा मुख्य आरोपी अमित अग्रवाल अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए सायबर सेल की मदद से उसके कॉल डिटेल्स (CDR) और संभावित ठिकानों को ट्रैक किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य स्थानीय सटोरियों और बैंक खातों की भी बारीकी से जांच की जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में कुछ और बड़े चेहरों के बेनकाब होने की उम्मीद है।



