गणतंत्र दिवस समारोह पर कोरोना का असर, इस साल भी बिना मुख्य अतिथि संपन्न होगी परेड

कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोंन  की वजह से दुनिया के कई देशों में दैनिक मामलों में काफी उछाल देखने को मिल रहे हैं। भारत में भी लगातार मामलों में इजाफा हो रहा है। इसके असर 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस परेड पर भी होता दिख रहा है। पिछले साल की तरह इस साल भी मुख्य अतिथि के तौर पर किसी विदेशी नेता के बिना ही राजपथ पर परेड का आयोजन होगा।

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आपको बता दें कि भारत ने पांच मध्य एशियाई देशों (कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उजबेकिस्तान) के नेताओं को समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था। हालांकि इस संबंध में किसी भी देश द्वारा कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई थी।

पिछले कुछ हफ्तों में कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वैरिएंट का तेजी से प्रसार और हाल ही में कजाकिस्तान में हिंसक विरोध में हुई 220 से अधिक लोगों की मौत की वजह से इन देशों के नेताओं का भारत दौरा टल गया। इस मामले से जुड़े एक अधिकारी ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।

मध्य एशियाई राज्य के एक राजनयिक ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि पांच देशओं के नेता व्यक्तिगत रूप से गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेने में असमर्थ हैं। राजनयिक ने कहा कि मध्य एशियाई देश और भारत अब राजनयिक संबंधों की 30वीं वर्षगांठ को चिह्नित करने के लिए छह देशों के नेतृत्व के एक आभासी शिखर सम्मेलन पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इसके लिए एक तारीख को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है।

आपको बता दें कि पिछले साल ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन द्वारा ब्रिटेन में कोरोना वायरस के एक वैरिएंट के तेजी से फैलने के कारण अंतिम समय में यात्रा को रद्द कर दिया गया। इसके बाद भारत ने बिना मुख्य अतिथि ही गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन किया। 2021 से पहले आखिरी बार 1996 के समारोह में को मुख्य अतिथि नहीं था।

हालांकि इस वर्ष के मुख्य अतिथियों के संबंध में कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई थी। तुर्कमेनिस्तान के विदेश मंत्री राशिद मेरेदोव ने 19 दिसंबर को नई दिल्ली में भारत-मध्य एशिया वार्ता में भाग लेते हुए इसके संकेत दिए थे।

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