गौतम अडानी को अमेरिका में बड़ी कानूनी राहत, रिश्वत-धोखाधड़ी का आपराधिक केस खारिज

अमेरिकी न्याय विभाग ने अभियोजन आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया, कोर्ट ने केस खारिज किया; जज ने DOJ की प्रक्रिया पर उठाए सवाल

नई दिल्ली, 11 अगस्त 2026। उद्योगपति गौतम अडानी को अमेरिका में चल रहे चर्चित रिश्वत और धोखाधड़ी के आपराधिक मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है। अमेरिका की संघीय अदालत ने अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) की अभियोजन समाप्त करने की मांग स्वीकार करते हुए गौतम अडानी और अन्य आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामले को खारिज कर दिया।

यह मामला नवंबर 2024 में अमेरिकी अभियोजकों द्वारा दर्ज किया गया था। आरोप था कि अडानी समूह से जुड़े लोगों ने भारत में सौर ऊर्जा परियोजनाओं के ठेके हासिल करने के लिए कथित तौर पर भारतीय अधिकारियों को करीब 26.5 करोड़ डॉलर की रिश्वत देने की योजना बनाई और अमेरिकी निवेशकों से इससे जुड़ी जानकारी छिपाई। अडानी समूह और संबंधित आरोपियों ने इन आरोपों से इनकार किया था। 

DOJ ने क्यों वापस लिया मामला?

अमेरिकी न्याय विभाग ने अदालत को बताया कि उसने मामले की दोबारा समीक्षा की और अपनी अभियोजन संबंधी विवेकाधीन शक्तियों के तहत इन आपराधिक आरोपों को आगे नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया। DOJ के मुताबिक मामले में कथित गतिविधियां मुख्य रूप से अमेरिका के बाहर हुई थीं, इसे साबित करना कठिन था और विभाग की प्राथमिकताएं भी बदल गई थीं। 

अदालत ने मामले को खारिज करते हुए हालांकि न्याय विभाग की प्रक्रिया पर गंभीर टिप्पणी भी की। जज निकोलस गारौफिस ने DOJ के वरिष्ठ अधिकारी ट्रेंट मैककॉट्टर की भूमिका और जांच अधिकारियों तथा अभियोजकों की राय को दरकिनार किए जाने को लेकर सवाल उठाए। 

क्या अब मामला दोबारा खुल सकता है?

अडानी समूह की ओर से मई में जारी जानकारी के अनुसार DOJ ने आरोपों को “dismissal with prejudice” के तहत खारिज करने की मांग की थी। इसका कानूनी अर्थ है कि इन्हीं आरोपों के आधार पर आपराधिक मामला दोबारा शुरू नहीं किया जा सकता। 

हालांकि, यह समझना जरूरी है कि केस खारिज होना अदालत द्वारा आरोपों को झूठा साबित करने या अडानी को तथ्यों के आधार पर निर्दोष घोषित करने के समान नहीं है। यहां अभियोजन पक्ष ने मामले को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया और अदालत ने उस अनुरोध को मंजूरी दी।

अडानी समूह के लिए क्यों महत्वपूर्ण है फैसला?

यह मामला अडानी समूह के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी कानूनी चुनौती माना जा रहा था। आपराधिक मुकदमा खत्म होने से समूह और गौतम अडानी को अमेरिकी बाजार से जुड़े कानूनी जोखिम के लिहाज से महत्वपूर्ण राहत मिली है।

हालांकि, अमेरिका में इससे जुड़े अन्य नागरिक/नियामकीय मामले अलग कानूनी प्रक्रिया के तहत हो सकते हैं। इसलिए आपराधिक केस खत्म होने का अर्थ यह नहीं है कि अडानी से जुड़े हर अमेरिकी कानूनी मामले का स्वतः अंत हो गया है। 

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