
अशोक सारथी, आपकी आवाज न्यूज धौंराभांठा:- जिले के तमनार ब्लॉक अंतर्गत ग्रामपंचायत खुरूषलेंगा के सरपंच, सचिव, उपसरपंच के द्वारा मनमानी ढंग से ग्रामीणों की हक छिंन कोयला परिवहन टांसफोटर के साथ मिली भगत पैसा कमाने के लिए सार्वजनीक पैंडगरी रोड़ को उड़ीसा के कम्पनी को कोयला परिवहन के लिए अनुमति दे दी गई है। ग्रामीणों का कहना है जहाँ रायगढ़ की सड़कों का हाल पहले ही बुरा है। अब तमनार में ओडिशा की एक कंपनी का कोयला परिवहन करने के लिए गांव की सड़क का उपयोग कर रही हैं। इसके खिलाफ ग्रामीणों ने कलेक्टर से शिकायत की है। ग्रामीणों ने बताया कि साधारण मिटिंग बुलाकर पंचायत के काम बता कर फर्जी तरीके से ग्रामीणों का हस्ताक्षर करा लिया गया है, बिना ग्रामसभा की अनुमति के सरपंच और सचिव ने ओडिशा की कंपनी को छ.ग. में गाड़ी चलाने की अनुमति दे दी।
वेदांता कंपनी को ओडिशा की जामकानी माइंस का आवंटन किया गया है। एक महीने पहले ही खदान से प्रोडक्शन प्रारंभ हुआ है। कंपनी ने इस खदान का कोयला झारसुगुड़ा प्लांट में उपयोग करने की जानकारी दी है, लेकिन प्लांट तक कोयला ले जाने के लिए हाईवे से जाने के बजाय तमनार के खुरुषलेंगा गांव की अंदरूनी सड़क का उपयोग किया जा रहा है। इस वजह से आसपास के गांवों में प्रदूषण भी बढ़ रहा है और हादसों का खतरा बढ़ गया है। सोमवार को ग्राम पंचायत न खुरुसलेंगा के ग्रामीणों ने कलेक्टोरेट पहुंचकर शिकायत की। उन्होंने बताया कि आमगांव जाने वाले धरसा (पैंडगरी) रोड़ को सरपंच ने वेदांता कंपनी को कोयला परिवहन के लिए दे दिया है। खुरुषलेंगा से आमगांव जाने के लिए यही एकमात्र रोड है। सरपंच सरिता राठिया और सचिव रामफल राठिया ने चुपचाप ग्राम सभा में प्रस्ताव पास कर धरसा रोड़ (पैंडगरी) को वेदांता कंपनी को दे दिया है। कंपनी ने कोयला परिवहन के एवज में सीसी रोड बनाने का प्रस्ताव दिया है।
कोतरलिया साइडिंग तक कोयला ले जाने का प्लान
जामकानी माइंस से झारसुगुड़ा प्लांट तक कोयला ले जाने के लिए कंपनी नजदीकी रेलवे साइडिंग तक सड़क से परिवहन करना चाहती है। खुरुसलेंगा से आमगांव होते हुए कोतरलिया रेलवे साइडिंग तक ट्रेलरों से कोयला ले जाया जाएगा। इस दौरान प्रदूषण और सड़क हादसे बढ़ेंगे। खेती करना भी मुश्किल हो जाएगा। जामकानी के प्रभावितों ने कई महीनों तक मुआवजे की मांग को लेकर खदान बंद कर दी थी। समझौते के बाद बड़ी मुश्किल से माइंस प्रारंभ हो सकी है। ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच ने कंपनी और ट्रांसपोर्टर से मिलकर रोड को कोयला परिवहन के लिए दिया है।






