छत्तीसगढ़ के सरकारी कॉलेजों में अतिथि व्याख्याताओं को अब प्रतिदिन मिलेगा मानदेय

प्रति पीरियड भुगतान व्यवस्था होगी समाप्त, प्रतिदिन 2000 रुपये और अधिकतम 50 हजार रुपये मासिक मानदेय का प्रस्ताव

रायपुर, 10 जुलाई। प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत अतिथि व्याख्याताओं के मानदेय भुगतान की व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब अतिथि व्याख्याताओं को प्रति पीरियड के बजाय प्रतिदिन के आधार पर मानदेय दिया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत उन्हें प्रतिदिन 2,000 रुपये तथा अधिकतम 50 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय प्रदान किया जाएगा।

उच्च शिक्षा विभाग ने इस संबंध में तैयारी पूरी कर ली है और जल्द ही आधिकारिक आदेश जारी किए जाने की संभावना है। माना जा रहा है कि नई व्यवस्था लागू होने से पीरियड आवंटन को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद समाप्त हो जाएंगे।

वर्तमान व्यवस्था के तहत अतिथि व्याख्याताओं को 40 से 45 मिनट के एक पीरियड के लिए 400 रुपये तथा 60 मिनट के पीरियड के लिए 500 रुपये मानदेय दिया जाता है। एक दिन में अधिकतम चार पीरियड का भुगतान निर्धारित होने के कारण मासिक मानदेय भी इसी आधार पर तय होता है।

अतिथि व्याख्याताओं का लंबे समय से आरोप रहा है कि कई महाविद्यालयों में उन्हें अपेक्षाकृत कम पीरियड आवंटित किए जाते हैं, जिससे उनकी आय प्रभावित होती है। इसी कारण वे निश्चित दैनिक मानदेय की मांग कर रहे थे।

इस मांग को ध्यान में रखते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने मानदेय व्यवस्था की समीक्षा के लिए एक समिति का गठन किया था। समिति ने अपनी रिपोर्ट में प्रतिदिन के आधार पर भुगतान व्यवस्था लागू करने की सिफारिश की, जिसे विभाग ने स्वीकार कर लिया है।

प्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग के अधीन 343 शासकीय महाविद्यालय संचालित हैं। इसके अलावा विभिन्न शासकीय विश्वविद्यालयों में भी अतिथि व्याख्याता सेवाएं दे रहे हैं। दोनों को मिलाकर प्रदेश में लगभग एक हजार अतिथि व्याख्याता कार्यरत हैं।

अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति प्रत्येक वर्ष 11 माह के लिए की जाती है। पीएचडी, नेट या एमफिल योग्यता रखने वाले अतिथि व्याख्याताओं की सेवाओं का नवीनीकरण किया जाता है, जबकि केवल स्नातकोत्तर (पीजी) योग्यता वाले पदों के लिए पुनः विज्ञापन जारी किया जाता है, जिसमें पुराने और नए दोनों अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं।

पुरानी और नई व्यवस्था में अंतर

वर्तमान व्यवस्था :

  • 40-45 मिनट के पीरियड पर 400 रुपये मानदेय।
  • 60 मिनट के पीरियड पर 500 रुपये मानदेय।
  • एक दिन में अधिकतम चार पीरियड का भुगतान।
  • अधिकतम मानदेय लगभग 41,600 से 50,000 रुपये प्रतिमाह।

नई व्यवस्था :

  • उपस्थिति के आधार पर प्रतिदिन 2,000 रुपये मानदेय।
  • अधिकतम 50,000 रुपये प्रतिमाह भुगतान।
  • पीरियड आवंटन के आधार पर आय में अंतर की समस्या समाप्त होगी।

उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि अतिथि व्याख्याताओं के मानदेय की समीक्षा के लिए गठित समिति की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। अब उन्हें प्रति पीरियड के बजाय प्रतिदिन के आधार पर 2,000 रुपये मानदेय दिया जाएगा और इस संबंध में जल्द ही आदेश जारी किया जाएगा।

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