छत्तीसगढ़ के स्कूलों में बड़ा बदलाव: मंत्रोच्चार के साथ पढ़ाई, एआई शिक्षा पर भी जोर

रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी की जा रही है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने घोषणा की है कि अब स्कूलों में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के साथ मंत्रोच्चार भी अनिवार्य किया जाएगा और इसी के साथ पढ़ाई की शुरुआत होगी।


सांस्कृतिक लर्निंग के साथ एआई शिक्षा

मंत्री ने बताया कि विद्यार्थियों को सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने के साथ-साथ आधुनिक तकनीक से भी जोड़ा जाएगा। बारहखड़ी से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तक की शिक्षा दी जाएगी, जिससे छात्र पारंपरिक और आधुनिक दोनों ज्ञान प्राप्त कर सकें।


महापुरुषों पर व्याख्यान और तीज-त्योहारों का आयोजन

नई व्यवस्था के तहत हर महीने दो से तीन महापुरुषों पर व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे। साथ ही स्कूलों में स्थानीय तीज-त्योहारों का आयोजन और योग को भी अनिवार्य किया जाएगा।


शिक्षकों को दी जाएगी एआई आधारित ट्रेनिंग

शिक्षा मंत्री ने बताया कि 15 अप्रैल से 15 जून तक शिक्षकों और प्राचार्यों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें उन्हें एआई आधारित शिक्षा की ट्रेनिंग दी जाएगी।


महंगी किताबों पर सख्ती

मंत्री ने निजी प्रकाशकों द्वारा अधिक कीमत पर किताबें बेचने के मामलों पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने मुख्य सचिव के माध्यम से सभी कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर जांच और कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।


प्राचार्यों की राज्य स्तरीय बैठक

स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यम विद्यालयों के संचालन को बेहतर बनाने के लिए राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें राज्यभर के लगभग 751 विद्यालयों के प्राचार्य शामिल होंगे।


शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार पर रहेगा फोकस

बैठक में बोर्ड परीक्षा परिणामों के लक्ष्य, NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में छात्रों की भागीदारी, अंग्रेजी भाषा दक्षता, स्मार्ट क्लास और पुस्तकालय उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी।

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