छत्तीसगढ़ में भी केजीएफ और गैंग ऑफ वासेपुर जैसे चल रहा कोल माफियाओं का राज? सीबीआई जांच की मांग

रायपुर. कोयला चोरी का एक सनसनीखेज वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. वीडियो में दिखाई दे रहा सीन केजीएफ और गैंग ऑफ वासेपुर जैसी फिल्मों की तरह है, लेकिन सीन फिल्म का नहीं है बल्कि एशिया की सबसे बड़ी कोल माइंस का है. दरअसल छत्तीसगढ़ में कोरबा जिले के एसईसीएल की गेवरा कोल माइंस से संगठित रूप से माफिया राज चल रहा है और कोयला चोरी का खुला खेल शासन और प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा है. वीडियो में हज़ारों मजदूर खदान से बोरियों में खुलेआम कोयला निकालकर गाड़ियों में लोड कर रहे हैं.

खदान का ये वीडियो आते ही विपक्ष के कई नेताओं ने इसे अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है वहीं मामले को लेकर अब सियासत भी शुरू हो गयी है. नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने मामले में सीबीआई जांच की मांग की है. धरमलाल कौशिक का कहना है कि वीडियो देखकर साफ है कि किस तरह से कोयले की लूट का माफिया राज चल रहा है. इस मामले में सीबाीआई जांच करानी चाहिए, जिससे स्पष्ट हो की इस लूट के पीछे कौन-कौन लोग हैं.

टीआई लाइन अटैच
मामला सामने आने के बाद टीआई और चौकी प्रभारी लाइन अटैच कर दिये गये हैं. कोरबा जिले की कलेक्टर रानू साहू और एसपी भोजराम पटेल ने गेवरा और दीपका खदान का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायज़ा लिया है. यहां की सुरक्षा व्यवस्था काफी सामान्य पायी गयी. जहां कलेक्टर ने फेंसिंग के निर्देश दिये हैं. कलेक्टर ने सीआईएसएफ को खदान की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी है, जिसकी मॉनिटरिंग टीआई और एसआई रैंक के अधिकारी करेंगे. हांलाकि सीबीआई जांच की मांग को लेकर मंत्री रविन्द्र चौबे का कहना है कि कोल माइंस की सुरक्षा की जिम्मेदारी केन्द्र की होती है और ऐसे में केन्द्र को जांच के लिए नेता प्रतिपक्ष द्वारा पत्र लिखा जाना चाहिए. बहरहाल मामले की क्या वाकई सीबीआई जांच होती है या फिर कोयले का ये काला कारनाम खदान में ही दफ्न होकर रह जाता है ये अब देखने वाली बात होगी.

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