छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में नया खुलासा : 115 करोड़ के मैनपावर घोटाले में 7 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर, 04 मई 2026: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़े मैनपावर घोटाले में ACB-EOW की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 11 मई तक कस्टोडियल रिमांड पर भेज दिया गया है।


ओवरटाइम के नाम पर 115 करोड़ की हेराफेरी

जांच में सामने आया कि साल 2019-20 से 2023-24 के बीच ओवरटाइम के नाम पर करीब 115 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। आरोप है कि फर्जी और बढ़े हुए बिल बनाकर यह रकम निकाली गई और कर्मचारियों को देने के बजाय अधिकारियों व निजी व्यक्तियों के बीच कमीशन के रूप में बांट दी गई।


ED की कार्रवाई से हुआ खुलासा

मामले का खुलासा प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई से हुआ। 29 नवंबर 2023 को रायपुर में तीन संदिग्धों से 28.80 लाख रुपये नकद बरामद किए गए थे। जांच में पता चला कि यह रकम कर्मचारियों के ओवरटाइम भुगतान से जुड़ी थी।


कागजों में ओवरटाइम, कर्मचारियों को नहीं मिला पैसा

नियम के अनुसार ओवरटाइम की राशि कर्मचारियों को मिलनी थी, लेकिन मैनपावर एजेंसियों ने कागजों में ही अतिरिक्त काम दिखाकर भुगतान निकाल लिया। वास्तविक कर्मचारियों तक यह राशि नहीं पहुंची और इसे कमीशन के रूप में बांट दिया गया।


अधिकारियों और निजी लोगों की मिलीभगत

जांच एजेंसी के अनुसार यह पैसा CSMCL के कुछ अधिकारियों और निजी व्यक्तियों के बीच बांटा गया। मामले के तार कारोबारी अनवर ढेबर से जुड़े होने की बात भी सामने आ रही है।


पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी

इससे पहले ACB-EOW ने मैनपावर एजेंसी ईगल हंटर सॉल्यूशन लिमिटेड के फील्ड ऑफिसर अभिषेक कुमार सिंह और अकाउंटेंट तिजऊ राम निर्मलकर को गिरफ्तार किया था।


जांच जारी, और खुलासों की संभावना

मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पूछताछ के दौरान फर्जी बिलिंग, कमीशन और पैसे के इस्तेमाल से जुड़े और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

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